पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद अब एक नया विवाद सामने आया है। किले के प्रसिद्ध 'विंचू कड़ा' को कुछ लोग 'सिया पॉइंट' कहकर संबोधित करने लगे हैं, जिसका स्थानीय लोगों, इतिहास प्रेमियों और छत्रपति शिवाजी महाराज के अनुयायियों ने कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि एक आपराधिक घटना के कारण सदियों पुराने ऐतिहासिक स्थल की पहचान नहीं बदलनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल लोहागढ़ किला छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य और इतिहास का प्रतीक है। ऐसे में हत्या जैसी घटना के चलते किले की छवि को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। इतिहासकारों का भी मानना है कि किसी व्यक्ति के अपराध का असर इस ऐतिहासिक धरोहर की पहचान पर नहीं पड़ना चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल और शिवाजी महाराज के समर्थकों ने मांग की है कि स्थानीय लोग, गाइड और पर्यटक इस स्थान को केवल 'विंचू कड़ा' के नाम से ही पुकारें। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से यहां 'विंचू कड़ा' नाम का आधिकारिक साइनबोर्ड लगाने की भी मांग की है। मराठी में 'विंचू' का अर्थ बिच्छू और 'कड़ा' का अर्थ चट्टान या पहाड़ी का किनारा होता है। ऊपर से देखने पर इस स्थान का आकार बिच्छू के डंक जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसका नाम 'विंचू कड़ा' पड़ा। ऐतिहासिक रूप से इसका उपयोग किले की सुरक्षा और निगरानी चौकी के रूप में किया जाता था।
वहीं, केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस लगातार आगे बढ़ रही है। मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने के लिए पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकारी वकील ने भी पुष्टि की है कि दोनों आरोपियों का टेस्ट कराने की प्रक्रिया जारी है, जिससे जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।