पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में सोमवार को भारत के पहले सार्वजनिक गणपति माने जाने वाले श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति का भव्य आगमन हुआ। हजारों भक्तों की मौजूदगी में पारंपरिक तरीके से बप्पा की शोभायात्रा निकाली गई। इसी दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने डीजे-मुक्त गणेशोत्सव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोगों को विदेशी संगीत की नकल करने के बजाय भारतीय वाद्य यंत्रों और परंपराओं को अपनाना चाहिए। उनके मुताबिक डीजे पर होने वाला उन्मादी डांस भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है।
बप्पा की शोभायात्रा की शुरुआत रंगारी भवन में पूजा और आरती के बाद हुई, जो उत्सव प्रमुख और ट्रस्टी पुनीत बालन और उनकी पत्नी जाह्नवी धारिवाल-बालन ने की। इसके बाद आधव बंधुओं ने पारंपरिक नगाड़ा वादन किया। फूलों और केले के पत्तों से सजे रथ पर गणपति की प्रतिमा विराजमान की गई और ढोल-ताशा की गूंज के बीच जुलूस आगे बढ़ा। शोभायात्रा छत्रपति शिवाजी महाराज रोड, बुधवार चौक, अप्पा बलवंत चौक और बाजीराव रोड से होकर गुजरी। श्रीराम पाठक, नादब्रह्म, ज्ञान प्रबोधिनी, आवर्तन, वाद्यवृंद, समर्थ और शंखनाद समेत कई ढोल-ताशा पथकों ने प्रस्तुति दी। बुधवार चौक पर कसबा पुणे दहीहंडी एसोसिएशन के गोविंदाओं ने सात परतों वाली मानव पिरामिड बनाकर बप्पा का स्वागत किया।
दोपहर करीब 12:30 बजे शोभायात्रा श्री गणेश सुवर्णधाम मंदिर पहुंची, जहां सजे हुए मखर में गणपति की स्थापना की गई। पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि के बीच गणपति की प्राण प्रतिष्ठा की। उन्होंने इसे अपने लिए सौभाग्य बताते हुए कहा कि भारत की पहली सार्वजनिक गणपति प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। स्थापना के बाद हजारों भक्तों ने बप्पा के दर्शन किए और आरती में हिस्सा लिया। मंदिर में सात रंगों की इंद्रधनुषी रंगवर्षा, गुलाल, पारंपरिक ढोल और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया।
इस मौके पर स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने पुणे के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक योगदान की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके वैचारिक जीवन पर संत ज्ञानेश्वर महाराज और छत्रपति शिवाजी महाराज की शिक्षाओं का प्रभाव रहा है और उनकी पूरी यात्रा इन दोनों परंपराओं के बीच आगे बढ़ी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भारतीय परंपराओं से प्रेरणा लें और ऐसा कोई काम न करें जिससे उनके माता-पिता की आंखों में आंसू आएं। बाद में एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले समेत कई लोगों ने मंदिर पहुंचकर बप्पा के दर्शन किए। पुनीत बालन ने महाराष्ट्र के लोगों के लिए सुख, शांति, अच्छी सेहत और समृद्धि की प्रार्थना की। 10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव में ट्रस्ट की ओर से कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।