पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस अब गूगल के ट्रैफिक डेटा की मदद ले रही है। इस डेटा के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि शहर में किन जगहों पर सबसे ज्यादा जाम लगता है, वाहनों को वहां से निकलने में कितना समय लगता है और ट्रैफिक जाम कितनी देर तक बना रहता है। इसके आधार पर पुलिस तय करना चाहती है कि किन इलाकों में सुधार के लिए पहले कदम उठाने की जरूरत है।
शहर में ट्रैफिक कम करने के लिए फ्लाईओवर और अंडरपास जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर भी विचार किया जा रहा है। लेकिन पुणे के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनोज पाटिल का कहना है कि सिर्फ सड़कें बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि दिनभर में सड़कों पर वाहनों का दबाव किस समय कितना रहता है, इसे ध्यान में रखकर योजना बनाई जाए।
मनोज पाटिल के मुताबिक, ट्रैफिक कम करने के लिए छोटे प्रशासनिक बदलाव भी काफी मददगार साबित हो सकते हैं। इसके तहत कंपनियों, दफ्तरों, स्कूलों और कॉलेजों के खुलने और छुट्टी होने का समय अलग-अलग रखा जा सकता है। इससे सभी जगहों के लोग एक ही समय पर सड़कों पर नहीं निकलेंगे और अलग-अलग समय पर ट्रैफिक का दबाव बंट सकेगा।