पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के पुणे में 15 अक्टूबर, गुरुवार से हर हफ्ते एक दिन पानी की सप्लाई बंद रखने का फैसला लिया गया है। पुणे नगर निगम (पीएमसी) ने बांधों में पानी का भंडार सामान्य से कम होने और आने वाले महीनों में बारिश की कमी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है। इस फैसले का असर पूरे शहर पर पड़ सकता है। नगर निगम ने लोगों से पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करने और पीने के पानी को बर्बाद न करने की अपील की है।
पीएमसी की अतिरिक्त नगर आयुक्त पवनीत कौर के मुताबिक, आने वाले महीनों में पीने के पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, खडकवासला बांध श्रृंखला, भामा आसखेड़ और पवना बांधों में पानी के भंडार की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया। सोमवार तक खडकवासला बांध श्रृंखला में 26.22 टीएमसी पानी था, जो अधिकारियों के मुताबिक इस समय के सामान्य स्तर से कम है। बारिश में कमी और अल नीनो के संभावित असर को लेकर भी चिंता जताई गई है।
फिलहाल नगर निगम ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन वार्डों और इलाकों में पानी की सप्लाई कितने बजे बंद होगी और कब दोबारा शुरू की जाएगी। राज्य सरकार ने भी 16 अक्टूबर से स्थानीय निकायों को पानी की खपत कम से कम 10 प्रतिशत घटाने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर पाबंदियां और सख्त की जा सकती हैं, ताकि पानी का भंडार 31 अगस्त 2027 तक चल सके। महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग ने 5 अक्टूबर को जारी आदेश में बांधों के पानी के इस्तेमाल की योजना बनाने और पीने के पानी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
पानी बचाने के लिए इन कामों पर रोक
पुणे नगर निगम ने निर्माण कार्यों में पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। ऐसे कामों के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से साफ किए गए पानी या बोरवेल के पानी का इस्तेमाल करने को कहा गया है। सार्वजनिक और निजी वाहन धुलाई केंद्रों को भी अपना काम बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। गाड़ी, आंगन और फुटपाथ धोने के लिए पीने का पानी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। स्विमिंग पूल भरने और बगीचों की देखभाल के लिए भी पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
जिन हाउसिंग सोसाइटियों में एसटीपी लगे हैं, उन्हें चालू रखने और साफ किए गए पानी का दोबारा इस्तेमाल बागवानी व टॉयलेट फ्लश के लिए करने को कहा गया है। नगर निगम ने लोगों और सरकारी इमारतों के प्रबंधकों से नल, पाइपलाइन और फ्लश में होने वाले लीकेज ठीक कराने, पानी की टंकियों को ओवरफ्लो होने से रोकने और जरूरत के मुताबिक ऑटोमैटिक फ्लोट वाल्व लगाने की अपील की है। होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल और दूसरे व्यावसायिक संस्थानों को भी पानी बचाने के उपाय अपनाने होंगे। अवैध पानी कनेक्शन मिलने पर कार्रवाई और आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है।
पानी की सप्लाई से जुड़ी शिकायत कहां करें?
पानी बंद रहने के दौरान सप्लाई से जुड़ी परेशानी होने पर पुणे के निवासी नगर निगम के कॉल सेंटर 1800-1030-222 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा 9689000002 पर व्हाट्सऐप मैसेज भेज सकते हैं या पीएमसी केयर ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। नगर निगम ने लोगों से स्थानीय सप्लाई और समय-सारणी में बदलाव से जुड़ी जानकारी के लिए आगे जारी होने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखने को कहा है।