पुणे न्यूज डेस्क: पुणे विभाग शिक्षक मतदारसंघ की आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर शिक्षक उम्मीदवार प्रो. सचिन सानप ने मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों योग्य शिक्षक और प्रोफेसर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं। सानप ने कहा कि इस मामले में वह चुनाव आयोग को लिखित शिकायत भी देंगे।
सानप के मुताबिक, शिक्षक मतदाता पंजीकरण की आखिरी तारीख को लेकर चुनाव व्यवस्था से अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख तक ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से पंजीकरण की सुविधा होनी चाहिए। लेकिन स्थानीय स्तर पर आवेदन स्वीकार करने को लेकर अलग जानकारी दी जा रही है। सानप का आरोप है कि 27 सितंबर से ऑनलाइन पंजीकरण बंद कर दिया गया और ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं, जबकि उन्होंने 6 अक्टूबर तक पंजीकरण की तारीख होने की बात कही है।
प्रो. सानप ने प्रोफेसरों के लिए पीएचडी से जुड़ी पात्रता की शर्त को लेकर भी भ्रम होने का दावा किया है। उनके मुताबिक, कई वरिष्ठ कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रोफेसरों ने आवेदन करने के बाद जब संबंधित कार्यालयों में जाकर जानकारी ली, तब उन्हें पंजीकरण की समय सीमा खत्म होने की बात बताई गई। उनका कहना है कि इससे बड़ी संख्या में योग्य शिक्षक मतदाताओं के सामने परेशानी खड़ी हुई है और चुनाव प्रक्रिया में उनकी भागीदारी प्रभावित हो रही है।
सानप ने मतदाता संख्या में आई कमी का भी मुद्दा उठाया है। उनके मुताबिक, 2020 के चुनाव में पुणे विभाग में 32,201 शिक्षक मतदाता थे, जबकि 2026 की नई सूची में यह संख्या घटकर 12,187 रह गई है। उन्होंने सोलापुर, कोल्हापुर, सातारा और सांगली जिलों में भी ऐसी ही स्थिति होने का दावा किया है। सानप के अनुसार, उन्होंने 28 सितंबर को भारत निर्वाचन आयोग, महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी और पुणे के विभागीय आयुक्त को ईमेल के जरिए अपनी शिकायत भेजी है, लेकिन अभी तक लिखित जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पात्र शिक्षकों को मतदाता बनने का मौका क्यों नहीं मिल रहा, इस पर चुनाव अधिकारियों को जल्द स्थिति साफ करनी चाहिए और वह इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।