पुणे न्यूज डेस्क: पुणे पोर्शे हादसे से जुड़े मामले में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। पुणे पुलिस ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग करते हुए शिवाजीनगर सत्र न्यायालय का रुख किया है। पुलिस का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत देते समय लगाई गई शर्तों का उल्लंघन किया गया है। इस मामले की सुनवाई 23 जून को होने की संभावना है।
यह कार्रवाई उस वायरल वीडियो के बाद की गई है, जिसमें विशाल अग्रवाल अपने परिवार के साथ कथित तौर पर जमानत मिलने का जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मामले का संज्ञान लिया और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य के विधि विभाग से अनुमति लेकर अदालत में आवेदन दायर किया गया।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि जमानत मिलने के बाद इस तरह का सार्वजनिक जश्न गवाहों पर प्रभाव डाल सकता है और यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित शर्तों के विपरीत है। विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिरे के अनुसार, इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हालांकि, अदालत ने विशाल अग्रवाल को इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
दूसरी ओर, अग्रवाल परिवार ने वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए दावा किया है कि यह वीडियो वर्ष 2023 का है और उनकी 25वीं शादी की सालगिरह के दौरान गोवा में रिकॉर्ड किया गया था। पुलिस ने विशाल अग्रवाल और उनकी पत्नी शिवानी अग्रवाल के बयान दर्ज कर लिए हैं। गौरतलब है कि मई 2024 में पुणे के कल्याणी नगर क्षेत्र में हुए पोर्शे हादसे में दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। मामले में रक्त के नमूने बदलकर नाबालिग चालक को बचाने की कथित साजिश के आरोप में विशाल अग्रवाल समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।