पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में मुख्य गणेश विसर्जन मिरवणुकी को लेकर पुलिस ने 150 गणेश मंडलों को बड़ी राहत दी है। पिछले दो-तीन साल से मुख्य मिरवणुकी में शामिल हो रहे और कोविड के बाद बने कुछ मंडलों को इस साल भी विशेष अनुमति दी गई है। हालांकि पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने साफ कर दिया है कि इस बार मिली अनुमति को अगले साल का अधिकार नहीं माना जाएगा। (Hindustan Times)
दरअसल, पहले इन करीब 150 मंडलों को मुख्य विसर्जन मार्गों पर शामिल होने की अनुमति नहीं देने का फैसला लिया गया था। इसके बाद मंडल प्रतिनिधियों ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर अपनी बात रखी। बातचीत के बाद दो या उससे ज्यादा साल से मिरवणुकी में शामिल होने वाले मंडलों को इस साल विशेष मामले के तौर पर केळकर रोड या कुमठेकर रोड से मुख्य मिरवणुकी में शामिल होने की अनुमति दी गई है। पुलिस ने मंडलों से तय नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है। (Hindustan Times)
पुलिस के मुताबिक, 75, 100, 125 या 150 साल पूरे करने वाले गणेश मंडलों को भी मुख्य मिरवणुकी में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। इन्हें विशेष श्रेणी में रखा गया है। वहीं, ऐसे नए मंडल जो पहली बार मुख्य मिरवणुकी में शामिल होने की अनुमति मांग रहे हैं, उन्हें इस साल प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि अगले साल से मंडलों की भागीदारी को लेकर नई नीति तैयार की जाएगी। (Punekar News)
पुणे की मुख्य विसर्जन मिरवणूक लक्ष्मी रोड, टिळक रोड, कुमठेकर रोड और केळकर रोड जैसे पारंपरिक मार्गों से निकलती है। इन रास्तों पर बड़ी संख्या में मंडल शामिल होते हैं और पिछले वर्षों में मिरवणूक 30 से 34 घंटे तक चली है। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए मंडलों की संख्या सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं।