पुणे न्यूज डेस्क: पुणे और मुंबई के चार छात्रों की टीम ने इंटरनेशनल मैथमैटिकल मॉडलिंग चैलेंज (IM²C) 2026 में मेरिटोरियस अवॉर्ड हासिल किया है। टीम ने दुनिया के 37 देशों की 68 टीमों के बीच टॉप 11 में जगह बनाई। टीम में पुणे के भारती विद्यापीठ रवींद्रनाथ टैगोर स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के तनीष राजेश कुलकर्णी, मुंबई के ओबेरॉय इंटरनेशनल स्कूल, JVLR के अंशवीर बिंद्रा और धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल के निपुण साहा और वेदांश साहा शामिल थे। नेशनल राउंड में यह टीम भारत की टॉप दो टीमों में रही थी, जिसके बाद इसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया।
चयन के बाद छात्रों ने 5 से 9 अगस्त 2026 तक अमेरिका के बोस्टन, मैसाचुसेट्स में आयोजित IM²C समिट और अवॉर्ड सेरेमनी में हिस्सा लिया। अवॉर्ड सेरेमनी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के कैंपस स्थित हार्वर्ड साइंस सेंटर में हुई। इस दौरान छात्रों ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) का भी दौरा किया। टीम के साथ आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी के पोस्टडॉक्टोरल रिसर्चर और टीम एडवाइजर डॉ. सागर श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
कंसोर्टियम फॉर मैथमैटिक्स एंड इट्स एप्लीकेशंस (COMAP) की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्रों को असल जिंदगी से जुड़ी जटिल समस्याओं को गणित की मदद से हल करना होता है। इस साल चुनौती नामीबिया के एटोशा नेशनल पार्क में रिस्क मैनेजमेंट पर आधारित थी। छात्रों को पार्क से जुड़े भौगोलिक, पर्यावरणीय और जनसांख्यिकीय आंकड़े दिए गए थे, जिनके आधार पर उन्हें जोखिम का मॉडल तैयार करना था और सीमित संरक्षण संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति बनानी थी। टीम इंडिया ने डेटा और लोकेशन आधारित मॉडल तैयार कर हाई-रिस्क वाले क्षेत्रों की पहचान की और सीमित संसाधनों के सही इस्तेमाल का तरीका सुझाया। पांच दिनों की प्रतियोगिता में छात्रों ने 3,000 से ज्यादा लाइनों का कोड लिखा, बड़े स्तर पर डेटा प्रोसेसिंग और सिमुलेशन किए और LaTeX की मदद से विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार की।
इसी बीच, टीम इंडिया ने यूरोपियन टूर्नामेंट ऑफ एंथूजियास्टिक अप्रेंटिस मैथमैटिशियंस (ETEAM) 2026 में भी दूसरा स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिता 31 जुलाई से 6 अगस्त तक स्विट्जरलैंड के लॉज़ेन स्थित École Polytechnique Fédérale de Lausanne (EPFL) में आयोजित हुई थी। टीम में अनिरुद्ध कन्नन (टीम कैप्टन), अनुभव भट्टाचार्जी, अरहम गाडा, मान्या कमल, तनीष कुलकर्णी और यादवी चोपड़ा शामिल थे। टीम लीडर्स रिथिक लाबरू और डॉ. सागर श्रीवास्तव छात्रों के साथ लॉज़ेन गए थे। सभी छह छात्र अशोका यूनिवर्सिटी के लोधा जीनियस प्रोग्राम का हिस्सा हैं। ETEAM की तैयारी के लिए उन्होंने एक साल तक एडवांस्ड मैथमैटिक्स पर आधारित कंटीन्यूड लर्निंग कोर्स किया, जिसे डॉ. सागर श्रीवास्तव ने रिथिक लाबरू की मदद से संचालित किया। इस दौरान छात्रों को नियमित ट्रेनिंग, प्रैक्टिस और मॉक असेसमेंट दिए गए, जिनके आधार पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले छात्रों का चयन हुआ। ETEAM 2026 में टीम की भागीदारी को लोधा फाउंडेशन ने स्पॉन्सर किया था।