पुणे न्यूज डेस्क: पुणे की ऐतिहासिक और मान की गणेश विसर्जन मिरवणूक का समय कम करने के लिए पुलिस ने इस बार सख्त कदम उठाया है। मुख्य विसर्जन मार्गों पर पिछले दो से चार साल में अस्थायी अनुमति लेकर शामिल होने वाले करीब 200 गणेश मंडलों की अनुमति इस बार रद्द कर दी गई है। नगर निगम और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। परिमंडल-1 के पुलिस उपायुक्त कृषिकेश रावले ने संबंधित मंडलों को अनुमति रद्द किए जाने के पत्र भेजे हैं।
पुणे में गणेश विसर्जन मिरवणूक कई बार 30 घंटे से ज्यादा चलती है। 2022 में यह करीब 31 घंटे, 2023 में 30 घंटे 25 मिनट, 2024 में 28 घंटे 45 मिनट और 2025 में 32 घंटे 26 मिनट तक चली थी। अग्निशमन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले साल अंतिम विसर्जन पूरा होने तक यह समय करीब 34 घंटे तक पहुंच गया था। इतनी लंबी मिरवणूक के कारण 7 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों पर सुरक्षा व्यवस्था का दबाव रहता है। अगले दिन भी मध्य क्षेत्र की कई सड़कें बंद रहने से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, कारोबारियों और एंबुलेंस को परेशानी होती है।
इस साल शहर में सार्वजनिक गणेश मंडलों की संख्या भी बढ़ी है। पिछले साल 3,959 मंडलों के मुकाबले इस बार यह संख्या बढ़कर 4,170 हो गई है। लक्ष्मी रोड, तिलक रोड, कुमठेकर रोड और केळकर रोड से मुख्य विसर्जन मिरवणूक निकलती है। 2022 में इन चार मार्गों पर 608 मंडल शामिल हुए थे, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 1,015 हो गई। मंडलों के रास्ते में रुकने, ढोल-ताशा पथकों की बढ़ती संख्या, आवाज से जुड़े प्रतिबंधों के कारण धीमी होती रफ्तार और भारी भीड़ की वजह से मिरवणूक को समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
अनुमति रद्द होने के फैसले से कई मंडलों में नाराजगी भी है। मॉडल कॉलोनी संघर्ष मित्र मंडल को भी इस बार मुख्य मिरवणूक में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली है। मंडल के कार्याध्यक्ष अतुल वैद्य ने बताया कि उनका मंडल पहले बालगंधर्व इलाके के नदी पात्र में विसर्जन करता था। करीब चार साल पहले अनुमति लेकर उन्होंने कुमठेकर रोड से मुख्य विसर्जन मिरवणूक में शामिल होना शुरू किया था। उनके जैसे करीब 150 मंडलों को इस बार फिर पुराने रास्ते से विसर्जन करना पड़ सकता है। पुलिस का कहना है कि मुख्य मार्गों पर भीड़ और मिरवणूक का समय कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है।