पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में एक सहकारी बैंक की प्रभात रोड शाखा से 34.77 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुणे पुलिस ने बुधवार शाम बैंक के दो अधिकारियों और उनके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी और रकम के दुरुपयोग का केस दर्ज किया। जनवरी 2018 से दिसंबर 2025 के बीच कथित तौर पर इस रकम की हेराफेरी की गई। एफआईआर डेक्कन जिमखाना थाने में दर्ज होने के बाद जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी गई है।
मामला 53 वर्षीय बैंक ऑडिटर की शिकायत के बाद सामने आया। हाल ही में प्रभात रोड शाखा में हुए ऑडिट के दौरान अधिकारियों और उनके सहयोगियों की कथित गतिविधियों का पता चला। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने बैंक में अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए लंबे समय तक योजनाबद्ध तरीके से वित्तीय गड़बड़ी की।
एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने खुद को बिना ब्याज के लोन दिए और कुछ ऐसे लोगों को भी जीरो-इंटरेस्ट लोन दिलाए, जिन्हें इसकी मंजूरी नहीं थी। आरोप है कि फर्जी कंपनियों को बैंक की सब्सिडियरी दिखाने के लिए उनके कॉरपोरेट रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। इसके अलावा गलत बैलेंस शीट तैयार करने और बैंक के रखरखाव से जुड़े खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का भी आरोप है।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि बैंक की जानकारी और मंजूरी के बिना गिरवी रखी गई संपत्तियों को बेच दिया गया और कुछ चुनिंदा कर्जदारों के खातों में अतिरिक्त रकम भी अनधिकृत तरीके से जमा की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और EOW अब पूरे लेन-देन, दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।