पुणे न्यूज डेस्क: नए साल के पहले दिन आईटी प्रोफेशनल और कलाकार रवि चौहान अपनी मां को एंबुलेंस में लेकर अस्पताल जा रहे थे। उन्हें हार्ट अटैक आया था और पुणे के पुनावले स्थित श्री छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर ट्रैफिक जाम में एंबुलेंस फंस गई। रवि लगातार दूसरे वाहनों से रास्ता देने की अपील करते रहे, एंबुलेंस का सायरन बजता रहा, लेकिन ट्रैफिक आगे नहीं बढ़ा। अस्पताल पहुंचने से करीब सात मिनट पहले ही उनकी मां ने एंबुलेंस में दम तोड़ दिया। इस घटना ने रवि को अंदर तक झकझोर दिया।
इस गणेशोत्सव में रवि ने अपने इसी दर्द को एक अलग अंदाज में लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है। पुणे के हिंजवड़ी स्थित अपने घर में उन्होंने गणपति बप्पा की ऐसी झांकी तैयार की है, जो सिर्फ सजावट नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी का संदेश भी देती है। झांकी में बप्पा एक ऐसी सड़क को देखते नजर आते हैं, जहां चारों तरफ अलग-अलग रंगों की कारें, नीले तिरपाल से ढके ट्रक, दोपहिया वाहन, निर्माण मजदूर और ऑटो रिक्शा नजर आ रहे हैं। इसी अफरा-तफरी के बीच एक एंबुलेंस फंसी है, जिसमें गुलाबी कपड़े पहने एक महिला स्ट्रेचर पर लेटी है और दो लोग बेबसी से उसकी तरफ देख रहे हैं। यह झांकी 25 सितंबर तक लोगों के लिए खुली रहेगी।
रवि बताते हैं कि इस पूरी कहानी में बप्पा शहर में भक्तों को आशीर्वाद देने आते हैं, लेकिन उन्हें एक व्यवस्थित शहर की जगह टूटी सड़कों और बेतरतीब ट्रैफिक की हकीकत दिखाई देती है। इसके बाद बप्पा अपने छोटे-छोटे मूषकों के साथ बैठक करते हैं और सवाल उठाते हैं कि सड़क की ऐसी हालत क्यों है, इसकी जिम्मेदारी किसकी है, लोग गलत साइड से क्यों चल रहे हैं और एंबुलेंस को रास्ता क्यों नहीं दिया जा रहा। जवाब में सन्नाटा छा जाता है। इसके बाद बप्पा किसी और का इंतजार करने के बजाय खुद पहला कदम उठाने का फैसला करते हैं। मूषक ट्रैफिक संभालने, गड्ढे भरने, सड़क साफ करने और सड़क पर गिरे एक व्यक्ति की मदद करने में जुट जाते हैं।
रवि का कहना है कि वह नहीं चाहते कि किसी और परिवार को उनकी जैसी तकलीफ से गुजरना पड़े। उनका कहना है कि वह अपनी मां के साथ जो हुआ उसे बदल नहीं सकते, लेकिन अगर उनकी कला और गणेशोत्सव के जरिए लोग सड़क सुरक्षा, एंबुलेंस को रास्ता देने और जिम्मेदार नागरिक बनने के बारे में सोचें, तो यही उनका छोटा सा योगदान होगा। उनकी झांकी प्रशासन और ठेकेदारों से समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ सड़कें बनाने की अपील करती है। साथ ही लोगों से गलत साइड ड्राइविंग से बचने, लेन और ट्रैफिक नियमों का पालन करने और एंबुलेंस को तुरंत रास्ता देने की बात कही गई है। रवि का संदेश है कि सिर्फ समस्या पर सवाल करने के बजाय हर व्यक्ति यह सोचे कि वह खुद क्या कर सकता है। बप्पा सिर्फ विघ्न दूर करने नहीं, बल्कि हमें खुद ‘विघ्नहर्ता’ बनने की सीख देने आए हैं।