पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के पुणे जिले के पुरंदर तालुका में रविवार शाम एक रूहं कांपने वाला हादसा हुआ, जहां एक मशरूम फार्मिंग यूनिट में जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन श्रमिकों की जान चली गई। यह हृदयविदारक घटना बेलसर गांव में उस समय घटी जब एक मजदूर जल निकासी (ड्रेनेज) टैंक की सफाई के लिए उसमें उतरा था। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो उसे बचाने और तलाशने के चक्कर में दो अन्य साथी भी एक-एक कर टैंक के भीतर चले गए, लेकिन जहरीली गैस ने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर जमा हो गए और बचाव कार्य शुरू किया। टैंक के भीतर फंसे मजदूरों को निकालने के लिए एक अर्थमूवर मशीन (JCB) की मदद लेनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद जब तीनों को बाहर निकालकर जेजुरी के ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का मानना है कि बंद टैंक में लंबे समय से जमा जहरीली गैस के कारण दम घुटने से यह मौतें हुई हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी पिंटू राजेश प्रसाद (23), व्यास सोहम कुमार (22), और गौतम रामसुरन कुशवाहा (36) के रूप में हुई है। ये तीनों मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में पुणे आए थे, लेकिन सुरक्षा उपकरणों के अभाव में काल के गाल में समा गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा भी सुरक्षित रख लिया गया है।
जेजुरी पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मौत (ADR) दर्ज कर ली है और मशरूम फार्म यूनिट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच कर रही है। यह हादसा औद्योगिक और कृषि इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बिना किसी सुरक्षा किट या वेंटिलेशन के टैंक की सफाई करना इन तीन परिवारों के लिए उम्र भर का दुख बन गया है।