पुणे न्यूज डेस्क: मावल में पिछले कुछ दिनों में हुई अच्छी बारिश से पवना डैम 100 प्रतिशत भर गया है। बारिश के कारण डैम का जलस्तर भी बढ़ा है और फिलहाल पानी की कमी का खतरा कुछ कम हुआ है। हालांकि, पिंपरी-चिंचवड़ में पिछले आठ साल से चल रही एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई की व्यवस्था अभी भी जारी है। ऐसे में शहरवासियों को अब इंतजार है कि पानी कटौती कब खत्म होगी।
पिंपरी-चिंचवड़ को मावल के पवना डैम और खेड़ के भामा आसखेड डैम से पानी मिलता है। जुलाई की शुरुआत में हुई भारी बारिश के चलते पवना के साथ चासकमान और भामा-आसखेड डैम भी पूरी क्षमता तक भर गए थे। इसके बाद बारिश में लंबा ब्रेक आया, जिससे मावल और खेड़ में सोयाबीन की फसल पर असर पड़ा और कई जगह फसल सूखने की स्थिति में पहुंच गई थी। दो दिन पहले हुई बारिश से फसलों को कुछ राहत मिली है।
पानी की स्थिति को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। पीने के पानी के स्रोत से 500 मीटर के दायरे में पीने के अलावा किसी दूसरे काम के लिए नई कुआं खोदने की अनुमति नहीं देने को कहा गया है। साथ ही नल योजनाओं और बोरवेल की मरम्मत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने 16 पानी की कमी वाले गांवों के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की भी बात कही है।
शहर में देर से हुई बारिश के कारण जल संसाधन विभाग ने 15 प्रतिशत पानी कटौती लागू की थी, लेकिन अब पवना डैम पूरी तरह भरने के बावजूद यह कटौती वापस नहीं ली गई है। वहीं, बारिश में देरी की वजह से इस साल सोयाबीन की पैदावार में बड़ी गिरावट की आशंका है। किसानों को दो दिन पहले हुई बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन फसल को हुए नुकसान का असर उत्पादन पर पड़ने की संभावना है।