पुणे न्यूज डेस्क: पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) अभिजीत प्रभाकर जाधव को निलंबित कर दिया है। जाधव की नियुक्ति 31 मार्च को पुलिस कंट्रोल रूम में दोपहर 4 बजे से रात 12 बजे तक 'कंट्रोल रूम ऑफिसर' (CRO) के तौर पर की गई थी, लेकिन वे बिना किसी सूचना के ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। उनकी इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत की वजह से शहर की कानून-व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं वरिष्ठ अधिकारियों तक समय पर नहीं पहुंच सकीं।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जाधव पहले भी कई बार बिना बताए काम से गायब रह चुके थे। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बार-बार दी गई चेतावनियों और समझाइश के बावजूद उनके आचरण में कोई सुधार नहीं हुआ। विभागीय जांच में उन्हें अनुशासनहीन और लापरवाह पाया गया, जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने उनके निलंबन का कड़ा आदेश जारी किया।
पुणे पुलिस कंट्रोल रूम शहर की सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण इकाई है। यहां तैनात अधिकारी की अनुपस्थिति से पूरी सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। जाधव के इस व्यवहार को पुलिस बल की गरिमा के खिलाफ मानते हुए प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है ताकि अन्य कर्मचारियों के बीच अनुशासन का संदेश जाए।
उल्लेखनीय है कि पुणे पुलिस में अनुशासनहीनता के खिलाफ यह एकमात्र कार्रवाई नहीं है। पिछले हफ्ते ही सहकारनगर पुलिस थाने के एक सहायक पुलिस फौजदार और एक हवलदार को अवैध कारोबारियों से रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित किया गया था। इस तरह महज सात दिनों के भीतर पुणे पुलिस बल के कुल तीन कर्मियों पर गाज गिरी है।