पुणे न्यूज डेस्क: सीबीआई की जांच में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। एजेंसी के मुताबिक पुणे के एक स्कूल की प्रिंसिपल मनीषा संजय हवलदार ने कथित तौर पर पैसों के बदले कुछ छात्रों तक परीक्षा से जुड़ी सामग्री और सवाल पहुंचाए। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मनीषा हवलदार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में अपने कार्य के दौरान प्रश्नों से जुड़े हस्तलिखित नोट तैयार किए थे, जिन्हें बाद में कुछ लोगों तक पहुंचाया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि मनीषा हवलदार ने वनस्पति विज्ञान की शिक्षिका मनीषा मांढरे के साथ मिलकर कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले सवाल और संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई। सीबीआई के अनुसार हवलदार नीट-यूजी 2026 के लिए फिजिक्स विषय के अनुवादक पैनल का हिस्सा थीं। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए प्रश्नों से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखी और बाद में उसे साझा किया।
सीबीआई के मुताबिक परीक्षा से पहले यह सामग्री व्हाट्सएप और प्रिंटआउट के जरिए छात्रों तक पहुंचाई गई। जांच एजेंसी का दावा है कि मनीषा हवलदार ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने फिजिक्स के कुछ प्रश्न एक छात्र और मनीषा मांढरे के साथ साझा किए थे। मनीषा मांढरे पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस में वनस्पति विज्ञान की व्याख्याता हैं। अब एजेंसी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लाभ लेने वाले छात्रों की पहचान करने में जुटी है।
सीबीआई ने अदालत से मनीषा हवलदार की ट्रांजिट रिमांड मांगी है और कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद उन्हें रिमांड पर लिया गया है और सोमवार को दिल्ली की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। इस खुलासे के बाद देशभर के छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि नीट जैसी बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।