पुणे न्यूज डेस्क: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को पुणे में सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित 'फेस्टिवल ऑफ थिंकर्स' को संबोधित करते हुए भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और भावी विकास योजनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी।
गडकरी ने अपने संबोधन में 27 साल पहले बने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि यह आज भी पूरी तरह से गड्ढा-मुक्त (pothole-free) है। इसके साथ ही उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में आधुनिक तकनीक और 25 से 50 साल के दीर्घकालिक विजन (Long-term Vision) पर जोर दिया।
संबोधन के मुख्य बिंदु:
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और सोशल मीडिया: नितिन गडकरी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "मैंने 27 साल पहले मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे बनाया था जो आज भी गड्ढा-मुक्त है, लेकिन इस पर कोई नहीं लिखता। वहीं जब हाल ही में 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट पर ढलान खिसकी, तो मुझे सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया, जबकि वह राज्य सरकार का प्रोजेक्ट था। वैसे सोशल मीडिया क्वालिटी कंट्रोल के लिए अच्छा है।"
दीर्घकालिक दृष्टि की आवश्यकता: गडकरी ने कहा कि जब उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की योजना बनाई थी, तब 8-लेन सड़क बनाने की वकालत की थी। बाद में विदेशों के राजमार्ग देखकर उन्हें अहसास हुआ कि भारत को भी बड़े विजन की जरूरत है। उन्होंने हाल ही में दिल्ली और मेरठ के बीच 40-लेन का मार्ग विकसित किया है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर को 25 से 50 साल के भावी जरूरतों को ध्यान में रखकर प्लान किया जाना चाहिए।
आधुनिक तकनीक का उपयोग: सड़कों और अवसंरचना की निगरानी के लिए उन्होंने ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), LiDAR और सैटेलाइट तकनीक के प्रयोग पर बल दिया, ताकि समय रहते कमियों को पहचानकर उन्हें सुधारा जा सके।
ज्ञान से धन (Knowledge to Wealth): उन्होंने शोध, नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता को आर्थिक वृद्धि का मुख्य आधार बताया। साथ ही छात्रों को नैतिक मूल्यों (Knowledge with Ethics) के साथ सतत सफलता पर ध्यान देने की सलाह दी।
पुणे के लिए 60,000 करोड़ का प्लान: गडकरी ने घोषणा की कि आने वाले समय में पुणे शहर की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए करीब 60,000 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स की योजना बनाई गई है।