पुणे न्यूज डेस्क: मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन परियोजना के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर महज 48 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इस परियोजना से मुंबई और पुणे को एकीकृत आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। यह बात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को रांजणगांव औद्योगिक क्षेत्र में जबिल कंपनी के उत्पादन विस्तार परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जेएनपीटी और प्रस्तावित वधावन बंदरगाह को समृद्धि महामार्ग के किनारे विकसित किए जाने वाले समर्पित मालवाहक रेल कॉरिडोर से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। इससे महाराष्ट्र वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा और उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र देश का प्रमुख डेटा सेंटर हब बनकर उभर रहा है। भारत की लगभग 60 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता राज्य में विकसित हो रही है। सरकार डेटा सेंटर, डीप टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण से जुड़ा मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्र में भी महाराष्ट्र अग्रणी राज्य बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित मालवाहक रेल कॉरिडोर को जालना, वर्धा के ड्राई पोर्ट और आगे गढ़चिरौली तक जोड़ा जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में 7 से 8 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। उनका कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद महाराष्ट्र वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक मजबूत और प्रभावशाली केंद्र के रूप में उभरेगा।