पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में रुक-रुक कर हो रही बारिश और उमस भरे मौसम ने मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर दी हैं। शहर के कई इलाकों के लोगों ने मच्छरों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी की शिकायत की है। साथ ही हाल के दिनों में डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर भी लोगों में चिंता बढ़ रही है।
वानवड़ी निवासी जितेंद्र खन्ना ने बताया कि मानसून की शुरुआत में ही मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आसपास कई लोगों के डेंगू से संक्रमित होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। वहीं, नालियों, निर्माण स्थलों और पानी की टंकियों में जमा बारिश का पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बन रहा है।
बढ़ते खतरे को देखते हुए कई हाउसिंग सोसाइटियों ने फॉगिंग और लार्वा नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। पिंपरी-चिंचवड़ हाउसिंग सोसाइटी फेडरेशन के अध्यक्ष दत्तात्रेय देशमुख ने कहा कि सोसाइटियों को हर 15 दिन में फ्यूमिगेशन कराने और परिसर में पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है।
मच्छरों से बचने के लिए लोग भी अपने स्तर पर कई उपाय अपना रहे हैं। हडपसर निवासी दर्शन सोलंकी ने बताया कि उनके घर में कपूर, सिट्रोनेला स्टिक और ऑटोमैटिक डिस्पेंसर का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, कोथरुड और बावधन के निवासी भी नीम, लेमनग्रास ऑयल और गमलों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने जैसे उपाय कर रहे हैं।