पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के मोशी इलाके में कचरे के विशाल ढेर के तीन मंजिला इमारत पर गिरने के लगभग 72 घंटे बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी है। मलबे में अब भी आठ लोगों के फंसे होने की आशंका है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य एजेंसियां करीब 15 एक्सकेवेटर और विशेष डिमोलिशन मशीनों की मदद से लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
बुधवार दोपहर कचरे के पुराने ढेर का एक हिस्सा वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के ऊपर बनी तीन मंजिला इमारत पर गिर गया था, जिससे पूरी इमारत ढह गई। हादसे के समय करीब 18 लोग इमारत के अंदर मौजूद थे। अब तक नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, इमारत को 'कैंटिलीवर फॉल' जैसी जटिल संरचनात्मक क्षति पहुंची है, जिसमें आगे के दो-तीन स्लैब एक-दूसरे के ऊपर आकर गिर गए हैं। माना जा रहा है कि फंसे हुए लोग इन्हीं स्लैबों के नीचे हैं। मलबे और कचरे के बड़े ढेर के कारण मशीनों को सुरक्षित तरीके से संचालित करना मुश्किल हो रहा है, जिससे बचाव अभियान में समय लग रहा है।
पिंपरी-चिंचवड नगर निगम आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने कहा कि बचाव दल पूरी सावधानी और तेजी के साथ काम कर रहा है और शनिवार रात तक अभियान पूरा करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, चार दिन बीतने के बावजूद कोई नया जीवित व्यक्ति नहीं मिलने से परिजनों में बेचैनी और नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस बीच, इमारत की पहली और दूसरी मंजिल के कथित रूप से अवैध होने की खबरों के बाद मामले की जांच के भी आदेश दिए गए हैं।