पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चाकण क्षेत्र में बढ़ती ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्याओं को देखते हुए मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महा मेट्रो को चाकण-राजगुरुनगर और तलेगांव-शिक्रापुर रूट की व्यवहार्यता जांचने और डीपीआर तैयार करने को कहा है। चाकण-नासिक फाटा मेट्रो रूट की डीपीआर पहले ही तैयार हो चुकी है, जिसे राजगुरुनगर तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
चाकण में चल रहे सड़क मरम्मत कार्यों का जायजा लेते हुए शिंदे ने कहा कि सरकार उद्योगों को यहां बनाए रखना चाहती है, क्योंकि इस औद्योगिक क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को सड़क, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज और अन्य सुविधाओं को अलग-अलग एजेंसियों के बजाय एकीकृत तरीके से विकसित करने के निर्देश दिए। चाकण नगर परिषद के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान को भी प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने का आश्वासन दिया गया है।
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि तलेगांव-शिक्रापुर रोड समेत कई प्रमुख समस्याओं पर काम चल रहा है। सड़क मरम्मत के लिए सामान्य तारकोल पैचिंग के बजाय पॉलीमर टेक्नो पैच, M60 रेडी-मिक्स कंक्रीट और प्रीकास्ट पैनल जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, कचरा प्रबंधन के लिए पीएमआरडीए को जमीन दी गई है और तब तक निजी एजेंसी के जरिए कचरा उठाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
चाकण एमआईडीसी में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए एमएसईडीसीएल ने भी सप्लाई मजबूत करने के कदम उठाए हैं। भांबोली और हुंडई सबस्टेशन पर 10-10 एमवीए के ट्रांसफॉर्मर चालू किए गए हैं, जबकि ब्रिजस्टोन सबस्टेशन पर 50 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। चाकण फेज-II सबस्टेशन पर अतिरिक्त 100 एमवीए ट्रांसफॉर्मर लगाने और 400 केवी चाकण सबस्टेशन पर चार नए 22 केवी फीडर बे बनाने का काम भी प्रस्तावित है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से चाकण के औद्योगिक विकास और भविष्य की बिजली जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।