पुणे न्यूज डेस्क: एलेवेटर और एस्केलेटर बनाने वाली कंपनी कोने (KONE) ने भारत में अपना पहला डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर (DEC) पुणे में शुरू किया है। इस सेंटर में दिखाया जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कनेक्टिविटी और डेटा के जरिए बिल्डिंग मैनेजमेंट और ग्राहकों के अनुभव को किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है। इसका उद्घाटन कोने कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयर जूसी हेरलिन, कंपनी के प्रेसिडेंट और सीईओ फिलिप डेलोर्म और इन्फोसिस के को-फाउंडर व चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने किया। कंपनी के मुताबिक, यह सेंटर भारत में टेक्नोलॉजी के जरिए नए बदलाव लाने और ग्राहकों तक डिजिटल सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम है।
AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर फोकस
कोने का डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां ग्राहक उन टेक्नोलॉजी को करीब से समझ सकते हैं, जो भविष्य में लोगों की आवाजाही और स्मार्ट बिल्डिंग्स को बेहतर बनाने में मदद करेंगी। यहां कंपनी की बिजनेस, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़ी विशेषज्ञता को एक साथ पेश किया गया है। सेंटर में दिखाया जाएगा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी, एआई, कनेक्टिविटी और डेटा एनालिटिक्स की मदद से बिल्डिंग के डिजाइन से लेकर उसके रोजमर्रा के संचालन तक काम को ज्यादा आसान और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। ग्राहक यहां बिल्डिंग डिजाइन, एलेवेटर कॉन्फिगरेशन, डिजिटल इंटरफेस, प्रोजेक्ट की जानकारी, सर्विस मैनेजमेंट और रियल-टाइम ऑपरेशन से जुड़े अनुभव भी देख सकेंगे।
एक ही जगह मिलेंगी कई डिजिटल सुविधाएं
इस सेंटर में कोने स्टूडियो (KONE Studio) भी दिखाया गया है, जिसकी मदद से ग्राहक एलेवेटर के अलग-अलग विकल्पों को डिजिटल तरीके से देख और चुन सकते हैं। वहीं, मायकोने (MyKONE) प्लेटफॉर्म के जरिए प्रोजेक्ट, उपकरण और सर्विस से जुड़ी जानकारी मिलती है। ई-लिंक (E-Link) की मदद से उपकरणों की स्थिति और उनके संचालन पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकती है, जिससे किसी समस्या का पहले ही पता लगाकर जरूरी कदम उठाना आसान होता है। इसके अलावा, सर्विस डैशबोर्ड के जरिए बिल्डिंग मालिक और मैनेजर उपकरणों की परफॉर्मेंस और मेंटेनेंस से जुड़ी जानकारी एक जगह देख सकते हैं। कंपनी का कहना है कि इन सुविधाओं से डिजाइन के शुरुआती चरण से लेकर बिल्डिंग के नियमित संचालन तक ग्राहकों को ज्यादा बेहतर और जुड़ा हुआ अनुभव मिलेगा।
भारत कोने के लिए अहम बाजार
लॉन्च के मौके पर फिलिप डेलोर्म ने कहा कि यह सेंटर ग्राहकों को खुद अनुभव करने का मौका देगा कि एआई, कनेक्टिविटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी शहरी आवाजाही और स्मार्ट बिल्डिंग्स के भविष्य को किस तरह बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत में इस सेंटर का शुरू होना खुशी की बात है और एलेवेटर-एस्केलेटर इंडस्ट्री में देश का अपनी तरह का पहला सेंटर होने के कारण ग्राहक यहां डिजिटल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को करीब से समझ सकेंगे। पुणे में इस सेंटर के जरिए कोने का मकसद ग्राहकों, डेवलपर्स और बिल्डिंग मैनेजर्स को यह दिखाना है कि नई टेक्नोलॉजी से रखरखाव, बिल्डिंग ऑपरेशन और वहां रहने या काम करने वाले लोगों के अनुभव को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।