पुणे न्यूज डेस्क: हुंडई मोटर इंडिया ने बुधवार को महाराष्ट्र के पुणे के तालेगांव में अपना नया स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया। भारत में कंपनी के 30 साल पूरे होने के मौके पर शुरू हुई इस फैक्ट्री के साथ हुंडई मोटर ग्रुप ने देश में अपना कारोबार और निवेश बढ़ाने की योजना भी सामने रखी है। कंपनी 2026 से 2032 के बीच भारत में करीब 15.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी। इसका इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, सप्लायर नेटवर्क और नई मोबिलिटी से जुड़े कारोबार को बढ़ाने में किया जाएगा।
नए पुणे प्लांट में शुरुआत में हर साल 1.70 लाख गाड़ियां बनाने की क्षमता होगी। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक इसे बढ़ाकर 3.20 लाख गाड़ियां सालाना करना है। इस फैक्ट्री में हुंडई वेन्यू बनाई जाएगी, जिसे 35 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट करने की योजना है। प्लांट में पेट्रोल-डीजल इंजन वाली गाड़ियों के साथ हाइब्रिड मॉडल बनाने की सुविधा भी होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्री 4.0 टेक्नोलॉजी और कंपनी के ई-फॉरेस्ट डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम की मदद से गाड़ियों की क्वालिटी जांचने, खराबियों का पता लगाने और मशीनों की समय पर देखभाल करने में मदद मिलेगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दक्षिण कोरिया के भारत में राजदूत ली सियोंग-हो, राज्य के उपमुख्यमंत्रियों और हुंडई के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में प्लांट का उद्घाटन किया गया। हुंडई मोटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ तरुण गर्ग के मुताबिक, कंपनी इस प्लांट में चरणों में करीब 110 अरब रुपये यानी 1.3 अरब डॉलर का निवेश करेगी। कंपनी ने यह भी बताया कि उसके 55 सप्लायर पार्टनर्स महाराष्ट्र में करीब 46 अरब रुपये का निवेश कर चुके हैं। इससे टियर-2 वेंडर्स को मिलाकर 18,000 से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुंग यूई-सुन ने कहा कि भारत कंपनी के लिए दुनिया के सबसे अहम बाजारों में से एक है और पुणे प्लांट देश की तरक्की में लंबे समय तक साथ देने की प्रतिबद्धता दिखाता है। उन्होंने भारतीय मैन्युफैक्चरिंग की वैश्विक क्षमता का जिक्र करते हुए बताया कि 1999 से अब तक हुंडई मोटर इंडिया की पैसेंजर गाड़ियों का एक्सपोर्ट 40 लाख यूनिट तक पहुंच गया है। कंपनी के मुताबिक, भारत में यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली कार निर्माता है।
पुणे प्लांट शुरू होने के बाद हुंडई मोटर ग्रुप की भारत में कुल सालाना वाहन उत्पादन क्षमता 14 लाख से ज्यादा हो गई है। इसमें चेन्नई स्थित हुंडई प्लांट की 8.24 लाख, पुणे प्लांट की शुरुआती 1.70 लाख और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में किआ के प्लांट की 4.31 लाख गाड़ियां सालाना बनाने की क्षमता शामिल है। कंपनी घरेलू मांग को पूरा करने और एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए हुंडई और किआ की उत्पादन क्षमता भी बढ़ाना चाहती है।
15.5 अरब डॉलर के निवेश की योजना की घोषणा चुंग यूई-सुन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद की गई। ग्रुप भारत में एक अलग इकाई बनाने की योजना पर भी काम करेगा, जो रिसर्च, नई टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े निवेश को आगे बढ़ाएगी। इसमें करीब 700 मिलियन डॉलर भारतीय रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर के विस्तार पर खर्च किए जाएंगे। इसके तहत गाड़ियों की टेस्टिंग के लिए ट्रैक बनाने, नई तकनीक विकसित करने, स्थानीय स्तर पर ज्यादा पार्ट्स बनाने और भारतीय सप्लायरों को आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद देने पर जोर रहेगा। कंपनी ऑटो फाइनेंस, इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग सुविधा, पुरानी गाड़ियों की रीसाइक्लिंग, स्टार्टअप्स और मोबिलिटी सर्विसेज में भी नए मौके तलाशेगी।