पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के पुराने पेठ इलाकों में गणेशोत्सव के दौरान बड़े-बड़े गणेश पंडाल, सड़क बंद किए जाने और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। त्योहार देखने आने वाली भारी भीड़ को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने शाम करीब 5 बजे के बाद लक्ष्मी रोड, छत्रपति शिवाजी रोड और बाजीराव रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। इससे लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बैरिकेडिंग और रास्ते बंद होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। खासकर बुजुर्गों के लिए यह परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। सोमवर पेठ की 71 वर्षीय रेखा जोशी ने बताया कि ऑटो लेने के लिए भी उन्हें काफी दूर तक पैदल जाना पड़ता है और डायवर्जन के कारण ऑटो चालक ज्यादा किराया मांग रहे हैं। वहीं, वह आमतौर पर प्रदूषण और खर्च से बचने के लिए 1-2 किलोमीटर पैदल चलती हैं, लेकिन गणेशोत्सव के दौरान बढ़े ट्रैफिक के बीच पैदल चलना भी उनके लिए जोखिम भरा हो गया है।
सदाशिव पेठ की छात्रा आर्या फड़के ने बताया कि दांडेकर पुल के पास सड़क बंद होने के कारण उन्हें रात में भी पैदल घर जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि तुलसीबाग से नीलायम चौक के पास उनके घर तक आमतौर पर 30-35 रुपये का ऑटो किराया लगता है, लेकिन सड़क बंद होने और ट्रैफिक के कारण उनसे 250 रुपये लिए गए। वहीं, नवी पेठ की छात्रा किन्नरी जोशी ने बताया कि मुख्य सड़कों पर पंडाल और वन-वे व्यवस्था के चलते वैकल्पिक रास्तों पर भारी जाम लग रहा है। उनका करीब 10 मिनट का सफर 30-45 मिनट तक पहुंच गया और एक दिन जाम में फंसने के कारण वह अपना लेक्चर भी मिस कर गईं।
नारायण पेठ निवासी विद्यानंद सुहास बापट ने बताया कि पुराने शहर के पेठ इलाकों में पहले से ही सड़कें काफी संकरी हैं और कई जगह गणेश पंडाल सड़क के आधे से ज्यादा हिस्से पर बने हैं। उनका कहना है कि पंडाल लगने से पहले से ही सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने लगता है और पंडाल हटने तक स्थिति बनी रहती है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि सड़कें बंद होने से मेडिकल इमरजेंसी के समय परेशानी हो सकती है। कुछ जगहों पर एंबुलेंस के पहुंचने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है और उन्होंने पिछले साल ऐसे मामले का भी जिक्र किया, जब सड़क की पहुंच की समस्या के कारण परिवार को शव बाहर निकालने में दिक्कत हुई थी।