पुणे न्यूज डेस्क: कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए चीन गए पुणे के चार यात्री अचानक आई बाढ़ के कारण तिब्बत के जिलाँग (केरुंग) शहर में फंस गए हैं। स्मिता पवार, योगिनी पाटील, दिनेश भोसले और पूजा भोसले इस समय जिलाँग के एक होटल में रुके हुए हैं। इनमें स्मिता और योगिनी की तबीयत ऊंचाई वाले इलाके में ऑक्सीजन की कमी के कारण बिगड़ गई है और दोनों को लगातार ऑक्सीजन दी जा रही है।
मानसरोवर क्षेत्र में दोनों महिलाओं का ऑक्सीजन लेवल कम होने के बाद उन्हें तुरंत नीचे जिलाँग शहर लाया गया। फिलहाल चारों यात्री सुरक्षित जगह पर हैं, लेकिन इलाके में हालात सामान्य नहीं हैं। स्थानीय स्तर पर मेडिकल सुविधाएं सीमित होने के कारण दोनों महिलाओं को जल्द से जल्द बेहतर इलाज के लिए काठमांडू ले जाने की जरूरत बताई गई है।
नेपाल-चीन सीमा पर आई बाढ़ से जिलाँग बॉर्डर चेक पोस्ट के आसपास काफी नुकसान हुआ है। सड़कें और सीमा पार करने की व्यवस्था प्रभावित होने के कारण यात्रियों के नेपाल लौटने का रास्ता बंद हो गया है। तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में भी बाढ़ का काफी असर हुआ है और राहत-बचाव का काम जारी है।
चारों यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए पुणे जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है। प्रशासन विदेश मंत्रालय और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रहा है। यात्रियों के साथ गए दिनेश भोसले ने बताया कि यात्रा के दौरान पहले ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी से परेशानी हुई और अब भारी बारिश ने वापसी के रास्ते बंद कर दिए हैं। परिवार अब उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं।