पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के अपोलो हॉस्पिटल्स ने पहली बार दा विंची Xi रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की मदद से सफल रोबोटिक-असिस्टेड कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्ट (CABG) सर्जरी की है। इस उपलब्धि के साथ अब हार्ट बायपास के मरीजों के लिए कम चीरा लगने वाली आधुनिक सर्जरी का विकल्प भी उपलब्ध हो गया है।
इस तकनीक में पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी की तरह सीने की हड्डी नहीं खोली जाती। डॉक्टर शरीर पर कुछ छोटे-छोटे चीरे लगाकर रोबोटिक सिस्टम की सहायता से सर्जरी करते हैं। हाई-डेफिनिशन 3D विजुअल और बेहद सटीक उपकरणों की मदद से जटिल सर्जरी भी अधिक सटीकता के साथ की जा सकती है।
अस्पताल की सीईओ डॉ. मनीषा करमारकर ने कहा कि यह उपलब्धि सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, आईसीयू टीम, नर्सिंग स्टाफ और रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उनका कहना है कि अस्पताल का उद्देश्य पुणे के मरीजों को विश्वस्तरीय और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराना है।
यह सर्जरी रोबोटिक एवं मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. स्मृति हिंदारिया, कार्डियक एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. बिकाश साहू और कार्डियक साइंसेज व आईसीयू की विशेषज्ञ टीम ने मिलकर की।
अस्पताल के पहले मरीज 67 वर्षीय व्यक्ति थे, जिन्हें ट्रिपल वेसल कोरोनरी आर्टरी डिजीज थी। सफल सर्जरी के बाद उन्हें सिर्फ चार दिन में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के अनुसार, इसके बाद एक महीने के भीतर छह और रोबोटिक बायपास सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि यह सर्जरी हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसके लिए हृदय और फेफड़ों की स्थिति, रक्त वाहिकाओं का आकार और अन्य गंभीर बीमारियों की जांच के बाद ही मरीज का चयन किया जाता है। पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर चार से पांच घंटे का समय लगता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी में मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिलने में आमतौर पर आठ से दस दिन लगते हैं। वहीं रोबोटिक सर्जरी में छोटा चीरा, कम रक्तस्राव, संक्रमण का कम खतरा और जल्दी रिकवरी की वजह से मरीज को चार से पांच दिन में डिस्चार्ज किया जा सकता है।
डॉ. स्मृति हिंदारिया ने कहा कि रोबोटिक तकनीक जटिल हृदय सर्जरी को अधिक सटीक और कम दर्दनाक बनाती है। हालांकि, इसकी सफलता के लिए सही मरीज का चयन सबसे महत्वपूर्ण होता है।
400 बेड वाले अपोलो हॉस्पिटल्स पुणे में प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, स्ट्रक्चरल हार्ट प्रक्रियाओं और एडवांस कार्डियक सर्जरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल का कहना है कि रोबोटिक बायपास सर्जरी शुरू होने से पुणे और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को आधुनिक उपचार का एक नया विकल्प मिलेगा।