पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने को लेकर दर्ज FIR पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) नेता अमित ठाकरे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने कदम का बचाव करते हुए इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान से जोड़ दिया। अमित ठाकरे ने कहा कि अगर शिवाजी महाराज से जुड़े इसी तरह के मामले में उनके खिलाफ दूसरी बार केस दर्ज होता है, तो उन्हें खुशी होगी।
चतुःशृंगी पुलिस ने सोमवार शाम अमित ठाकरे और 20-25 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत आपराधिक अतिक्रमण, गैरकानूनी जमावड़ा समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं। यह विवाद अमित ठाकरे के पुणे के शैक्षणिक संस्थानों के दौरे के दौरान हुआ, जहां वह छात्रों से संपर्क कार्यक्रम के तहत पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि संस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास लगी थी। अमित ठाकरे ने तस्वीर लगाने के तरीके पर आपत्ति जताई और उसे हटाने को कहा। इसके बाद MNS कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री की तस्वीर हटा दी। घटना के बाद बीजेपी ने इसका विरोध किया, जिसके बाद तस्वीर दोबारा लगा दी गई।
पुणे नगर निगम में नेता सदन गणेश बिडकर ने अमित ठाकरे के इस कदम को राजनीतिक रूप से अपरिपक्व बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की तस्वीरें आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत लगाई जाती हैं। बिडकर के मुताबिक, प्रधानमंत्री किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि देश का प्रतिनिधित्व करते हैं और तस्वीर हटाने वालों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए थी।