पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अब शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे का भी साथ मिलने वाला है। आदित्य मंगलवार, 6 अक्टूबर को आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचेंगे। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी और बताया कि उनकी विवेकानंद पाटिल से बात हुई है। इसके बाद वह छात्रों के साथ बैठकर उनकी मांगों का समर्थन करेंगे।
आदित्य ठाकरे ने एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार पर सवाल उठाते हुए कहा कि हजारों और लाखों छात्र उन्हें पद से हटने के लिए कह रहे हैं, फिर भी वह पद पर क्यों बने हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या अध्यक्ष के इस्तीफे के लिए छात्रों को आयोग के कार्यालय के बाहर जाकर बैठना पड़ेगा। पुणे में कई दिनों से जारी इस प्रदर्शन में छात्र आयोग के कामकाज में पारदर्शिता लाने और अध्यक्ष को पद से हटाने समेत कई मांगें उठा रहे हैं। एस.एम. जोशी पुल के पास भी छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह आंदोलन 30 सितंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। उस बैठक में एमपीएससी सचिव का तत्काल तबादला करने, परीक्षाएं ऑफलाइन कराने और आयोग के पूर्व व मौजूदा अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराने जैसे कदमों का ऐलान किया गया था। जांच के नतीजों के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत आगे की कार्रवाई पर भी विचार करने की बात कही गई थी। इन आश्वासनों के बाद 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन कुछ समय के लिए टाल दिया गया था, लेकिन बाद में कुछ छात्रों ने दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन को कई विपक्षी नेताओं का समर्थन भी मिल रहा है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके रविवार को छात्रों से मिले थे, जबकि एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार भी आंदोलन में शामिल हैं। रोहित पवार ने सोमवार को राज्य सरकार को छात्रों की मांगों पर कार्रवाई के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और आंदोलन तेज होने की चेतावनी दी। वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे भी सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने वाले थे।