पुणे न्यूज डेस्क: पुणे की सांगवी पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गांजा तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपी गणेश चव्हाण से हुई कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस को इस रैकेट की गहराई और कार्यप्रणाली के बारे में चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। चव्हाण के पास से शुरुआत में 14 किलो गांजा बरामद हुआ था, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया।
जांच के दौरान जब पुलिस ने आरोपी पर सख्ती की, तो उसने अपने फरार साथी विनोद धरे के बारे में अहम राज उगले। इसी गुप्त सूचना के आधार पर सांगवी पुलिस की एक विशेष टीम ने दौंड तालुका के पाटेखान गांव में स्थित धरे के ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस को अंदेशा था कि तस्करी का माल इसी इलाके में कहीं छिपाया गया है, जिसके चलते गांव में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
इस छापेमारी में पुलिस तब दंग रह गई जब उन्होंने पशुओं के बाड़े (गोठे) की तलाशी ली। तस्करों ने कानून की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिराना तरीके से जमीन के भीतर गड्ढा खोदकर करीब 60 किलो गांजा छिपा रखा था। इस कार्रवाई के बाद अब तक कुल 74 किलो गांजा जब्त किया जा चुका है। भारी मात्रा में बरामद इस मादक पदार्थ की बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है, जो इस नेटवर्क के बड़े स्तर पर फैले होने का प्रमाण है।
पुलिस के अनुसार, गणेश और विनोद का यह गिरोह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नशे की खेप सप्लाई करता था। हालांकि विनोद धरे अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में नशे के सौदागरों के मनोबल को तोड़ने की दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है।