पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में लंबी दूरी की बसों में सफर करने वाले यात्रियों को दोस्ती के जाल में फंसाकर लूटने वाले एक आरोपी को पुणे की स्वारगेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले 63 वर्षीय बाबू भुरेखान के रूप में हुई है। आरोप है कि वह बस में यात्रियों से बातचीत करके उनका भरोसा जीतता था और फिर खाने में नींद की दवा मिलाकर उन्हें बेहोश कर देता था। इसके बाद उनके सोने के गहने और कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था।
पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 1.40 लाख रुपये कीमत की सोने की एक सिल्ली और अल्प्रैक्स की 30 गोलियां बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, इन गोलियों का इस्तेमाल यात्रियों को बेहोश करने के लिए किया जाता था। आरोपी की गिरफ्तारी से महाराष्ट्र और गुजरात में हुई इसी तरह की तीन वारदातों का भी पता चला है।
बस में दोस्ती कर बुजुर्ग यात्री को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, यह घटना 20 अगस्त की है। शिकायतकर्ता के पिता महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की शिवशाही बस से बोरीवली से पुणे के स्वारगेट जा रहे थे। इसी दौरान सफारी स्टाइल के कपड़े पहने एक व्यक्ति उनके पास आया और अपना नाम ‘संजय अग्रवाल’ बताया। उसने बुजुर्ग यात्री से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया।
आरोप है कि इसके बाद उसने खाने के जरिए यात्री को नींद की दवा दे दी। यात्री के बेहोश होते ही आरोपी ने उनकी उंगली से करीब 10 ग्राम वजन की सोने की अंगूठी निकाल ली और वहां से फरार हो गया। शिकायत मिलने के बाद स्वारगेट पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।
सीसीटीवी और मुखबिरों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक यशवंत निकम की निगरानी में जांच टीम ने बस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की। पुलिस के मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पता चला कि खुद को संजय अग्रवाल बताने वाला व्यक्ति असल में बाबू भुरेखान है। वह मध्य प्रदेश का रहने वाला है और उसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली।
इसके बाद स्वारगेट पुलिस की एक टीम मध्य प्रदेश पहुंची और उज्जैन के महाकाल पुलिस स्टेशन से आरोपी को हिरासत में लिया। बाद में उसे पुणे लाकर लूट के मामले में आगे की पूछताछ की गई।
महाराष्ट्र और गुजरात की तीन वारदातों से जुड़ा आरोपी
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने महाराष्ट्र के नागपुर जिले के रामटेक इलाके और गुजरात के द्वारका क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदातों में शामिल होने की बात बताई। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी का तरीका हर बार लगभग एक जैसा था। वह सफर के दौरान यात्रियों से दोस्ती करता, खाने में नींद की गोलियां मिलाकर उन्हें बेहोश करता और फिर उनके सोने के गहने चुरा लेता था।
पुलिस ने आरोपी से 15-15 गोलियों के दो पैकेट बरामद किए हैं। इस तरह कुल 30 गोलियां जब्त की गईं। इसके अलावा 1.40 लाख रुपये कीमत की सोने की सिल्ली भी बरामद हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने दूसरे राज्यों में इस तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजेश बंसोडे, पुलिस उपायुक्त मिलिंद मोहिते और सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार के मार्गदर्शन में की गई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक यशवंत निकम के साथ पुलिस निरीक्षक विकास भरमल और प्रदीपसिंह सिसोडे ने अभियान की निगरानी की।
जांच टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक स्वप्निल शेलके, पुलिस उपनिरीक्षक बालू शिरसाट और पुलिसकर्मी प्रदीप शिंदे, किरण रघतवान, नितिन क्षीरसागर, रमेश चव्हाण, अक्षय भोगे, युवराज राठौड़, सोमनाथ बतुले, किरण धापकर और रोहित पवार शामिल थे।
पुलिस निरीक्षक यशवंत निकम ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि कुछ अपराधी लंबी दूरी की यात्रा के दौरान सहयात्रियों के भरोसे का फायदा उठाकर वारदात करते हैं। पुलिस निरीक्षक विकास भरमल के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी पहचान और दोस्ताना बातचीत का सहारा लेकर यात्रियों का विश्वास जीता और फिर उनके कीमती सामान को निशाना बनाया।
पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि सफर के दौरान अनजान लोगों से खाने-पीने की चीजें या दवाइयां लेने में सावधानी बरतें। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उसके दूसरे कथित अपराधों की जांच जारी है।