पुणे न्यूज डेस्क: पुणे निवासी विद्यानंद बापट, जो गणेशोत्सव और दूसरे सार्वजनिक त्योहारों में DJ और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, गुरुवार को एक न्यूज चैनल को लाइव इंटरव्यू देते समय हमले का शिकार हो गए। तिलक रोड पर इंटरव्यू के दौरान आरोपी ने कैमरे के सामने ही बापट को गालियां दीं और उनके साथ मारपीट की। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ संज्ञेय और गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है।
बापट पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक समारोहों में लाउडस्पीकर और ढोल-ताशों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले शोर और ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाना जरूरी है। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे बेहद निंदनीय हिंसक घटना बताते हुए कहा कि बापट को 24 घंटे पुलिस सुरक्षा दी जा रही है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की जाएगी।
इस हमले की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी निंदा की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है और अपनी बात रखने वाले किसी व्यक्ति पर हमला करना सही नहीं है। महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (MANS) ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि अगर किसी को बापट की बात से असहमति है तो उसे तथ्यों के आधार पर अपनी राय रखनी चाहिए, न कि शारीरिक हिंसा का सहारा लेना चाहिए। समिति ने कहा कि आज अगर कोई व्यक्ति ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ बोलने पर पीटा जाता है, तो कल लोग दूसरे सामाजिक मुद्दों पर भी आवाज उठाने से डर सकते हैं।
वहीं, कांग्रेस नेता प्रशांत जगताप ने कहा कि बापट पुणे के लोगों की चिंताओं को सामने रख रहे थे और उनका धार्मिक त्योहारों से विरोध नहीं, बल्कि DJ के ज्यादा इस्तेमाल से है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी के रवैये से ऐसे हमलों को बढ़ावा मिल रहा है और शहर में मनमानी बढ़ रही है। इस बीच BJP और NCP (SP) के नेता भी बापट के समर्थन में फरासखाना पुलिस स्टेशन पहुंचे।