पुणे न्यूज डेस्क: पुणे की विशेष अदालत ने 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में एक युवक को छह महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, लड़की के अश्लील वीडियो बनाने वाला मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।
इस मामले की एफआईआर जनवरी 2025 में पुणे ग्रामीण के पौड थाने में दर्ज हुई थी। बाद में जांच पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस को सौंप दी गई।
जांच अधिकारी रहे भास्कर कदम के अनुसार, मुख्य आरोपी और पीड़िता एक-दूसरे को जानते थे। आरोप है कि उसने नाबालिग के अश्लील वीडियो बनाए और अपने दोस्त के इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए उन्हें पीड़िता के परिचित लोगों तक पहुंचाया। इसके बाद पीड़िता के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया था। दिसंबर 2025 में पुलिस ने उस 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, जिसके इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो साझा किए गए थे।
सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अदालत ने माना कि उसने वीडियो बनाने में कोई भूमिका नहीं निभाई थी, इसलिए उसके खिलाफ BNS की धारा 77 (वॉययूरिज्म) का आरोप हटा दिया गया।
हालांकि, अदालत ने उसे पॉक्सो एक्ट की धारा 12 और आईटी एक्ट की धारा 67B के तहत नाबालिग का यौन उत्पीड़न और अश्लील वीडियो प्रसारित करने का दोषी ठहराया।
सजा के दौरान आरोपी ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए नरमी की मांग की और कहा कि मुख्य आरोपी ने उसके इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल किया था। वहीं, सरकारी पक्ष ने इसे नाबालिग के खिलाफ गंभीर अपराध बताते हुए अधिकतम सजा की मांग की।
अदालत ने माना कि इस मामले में आरोपी की भूमिका मुख्य आरोपी की तुलना में सीमित थी। इसी आधार पर उसे छह महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश अब भी जारी है।