पुणे न्यूज डेस्क: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर पुणे में एक कोचिंग सेंटर के बाहर चाय की दुकान चलाने वाले व्यक्ति ने दो मेडिकल उम्मीदवारों को 4.5 लाख रुपये में परीक्षा का पेपर दिलाने की पेशकश की थी। अप्रैल में दोनों छात्र चाय की दुकान पर बैठकर आने वाली परीक्षा को लेकर बात कर रहे थे। इसी दौरान दुकान के मालिक ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि उसका एक दोस्त, जो डॉक्टर है, पैसों के बदले उन्हें पेपर दिला सकता है। सीबीआई के मुताबिक, आरोपी ने बाद में दोनों छात्रों को नासिक के पंचक गांव में एक मकान पर ले जाने की व्यवस्था की, जहां आठ अन्य छात्र भी मौजूद थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, 28 अप्रैल को छात्रों को कथित तौर पर नीट परीक्षा के सवाल दिए गए और अगले तीन-चार दिनों तक उन्हें पढ़ने का मौका मिला। 2 मई को छात्रों को वहां से जाने दिया गया और सवालों वाले कागज वापस करने को कहा गया। हालांकि, आरोप है कि एक छात्र ने कागज लौटाने से पहले अपने मोबाइल फोन से सभी सवालों की तस्वीरें स्कैन कर ली थीं। परीक्षा के बाद चाय की दुकान के मालिक ने एक छात्र से तीन लाख रुपये नकद मांगे। छात्र की मां ने 35.8 ग्राम सोने के गहने गिरवी रखकर पैसों का इंतजाम किया और रकम उसे दे दी। दूसरे छात्र से भी पैसे मांगे गए, लेकिन उसने रकम नहीं दी। सीबीआई को आरोपी के फोन की जांच के दौरान एक लड़की की तस्वीर भी मिली, जिसमें वह कथित लीक सवालों की फोटोकॉपी पकड़े हुए थी।
सीबीआई की जांच में नासिक के एक करियर काउंसलर और नांदेड़ में एजुकेशन कंसल्टेंसी चलाने वाले व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। जांच के मुताबिक, काउंसलर ने अप्रैल के मध्य में छात्रों के लिए चार दिन ठहरने की जगह तलाशने को कहा था और इसके लिए 75 हजार रुपये देने की पेशकश की थी। इसके बाद पंचक गांव में एक किराना दुकान के मालिक से संपर्क किया गया, जिसके पास खाली कमरा था। इसके लिए 15 हजार रुपये एडवांस दिए गए। सीबीआई के अनुसार, काउंसलर ने सवालों वाली कई पीडीएफ फाइलें कंसल्टेंसी संचालक को भेजीं, जिनमें बायोलॉजी और केमिस्ट्री के 550 से ज्यादा सवाल थे। इन्हें प्रिंट कराकर आठ सेट तैयार किए गए। आरोप है कि छात्रों को पेपर देने वाले व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताया और छात्रों की सवालों वाले कागज के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। बाद में फिजिक्स के सवालों वाली एक और पीडीएफ भेजी गई और उसी तरह प्रिंटआउट तैयार किए गए।
नीट-यूजी 2026 की परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को पेन-पेपर मोड में कराई थी। इसमें देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,400 से ज्यादा केंद्रों पर 22.7 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। लेकिन 12 मई को एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप की जांच में कथित तौर पर ऐसा ‘गेस पेपर’ मिला था, जिसके 100 से ज्यादा सवाल परीक्षा में पूछे गए सवालों से मिलते-जुलते बताए गए। इसके बाद छात्रों और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों ने एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ प्रदर्शन किए। केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। एजेंसी ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। चाय की दुकान चलाने वाला आरोपी इस मामले में चार्जशीट किए गए 14वें आरोपी के तौर पर सामने आया है। सीबीआई ने उसे 2 सितंबर को गिरफ्तार किया था और इस सप्ताह उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ये सभी आरोप जांच का हिस्सा हैं और अदालत में साबित होना बाकी हैं।