पुणे न्यूज डेस्क: भोर के नसरापुर में महाराष्ट्र दिवस के दिन साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची की नृशंस हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। अपनी आजी के घर छुट्टियाँ बिताने आई बच्ची को 65 वर्षीय आरोपी भीमराव कांबले ने 'बछड़ा दिखाने' का लालच देकर गोठ में ले जाकर अपना शिकार बनाया। दरिंदगी की हदें पार करते हुए उसने मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी, जिससे न केवल गांव बल्कि राज्यभर में भारी रोष है।
इस दुखद घटना के बाद सोमवार को पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधाया। बच्ची के माता-पिता की हालत अत्यंत गंभीर है, जो अपनी बेटी की फ्रॉक को सीने से लगाकर बेसुध रो रहे हैं। आयुक्त ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परिवार के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराएं।
आरोपी के अपने ही परिवार ने इस घिनौने कृत्य पर गहरा आक्रोश जताते हुए उसे कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। आरोपी के बेटे ने स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसे व्यक्ति का पिता होने पर शर्म आती है, जिसने अतीत में भी परिवार पर अत्याचार किए थे और इसी वजह से उन्हें घर छोड़ना पड़ा था। आरोपी की पत्नी ने भी कहा कि पिछले दस सालों से उनका उससे कोई संबंध नहीं है और कानून को चाहिए कि उसे ऐसी सजा दे जो पूरे समाज के लिए मिसाल बने।
जांच को गति देते हुए पुलिस ने मामले में महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। आरोपी भीमराव कांबले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और अदालत ने उसे 7 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है, जहाँ उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को कब्जे में लिया है, ताकि मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जा सके और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।