पुणे न्यूज डेस्क: विदेश में अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर नागपुर की 28 वर्षीय महिला के साथ धोखाधड़ी और मानव तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महिला को पुर्तगाल में सुपरमार्केट में नौकरी, डेढ़ लाख रुपये मासिक वेतन और 3 साल का वर्क परमिट देने का झांसा दिया गया। आरोप है कि उससे करीब 11 लाख रुपये लेने के बाद उसे पुर्तगाल में एक बीयर शॉप के मालिक के पास भेज दिया गया, जहां उसका कथित तौर पर शोषण किया गया। महिला किसी तरह वहां से भागकर भारत लौट आई। उसकी शिकायत पर पुणे पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
महिला को दिसंबर 2025 में विदेश में नौकरी की तलाश के दौरान इंस्टाग्राम पर 'वी माइग्रेट' नाम की माइग्रेशन कंसल्टेंसी के बारे में जानकारी मिली थी। एजेंसी का कार्यालय पुणे के विमान नगर स्थित फीनिक्स मार्केटसिटी में बताया गया। सोशल मीडिया पर एजेंसी ने विदेश में वर्क वीजा पाने वाले उम्मीदवारों के वीडियो भी पोस्ट किए थे, जिससे महिला को उस पर भरोसा हो गया।
आरोप है कि एजेंसी ने पुर्तगाल के एक सुपरमार्केट में कैशियर की नौकरी, हर महीने 1.5 लाख रुपये वेतन, रोजाना 8 घंटे काम, सप्ताह में दो छुट्टियां और 3 साल का वर्क परमिट देने का वादा किया। इसके लिए महिला से कुल 11 लाख रुपये लिए गए। मार्च 2026 में उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी करवाए गए, लेकिन उनकी कॉपी उसे नहीं दी गई।
पुर्तगाल पहुंचते ही शुरू हुआ कथित शोषण
महिला 21 मई को मुंबई से अबू धाबी होते हुए मैड्रिड पहुंची। वहां उसे वमसी नाम के व्यक्ति से मिलने को कहा गया, जो उसे पुर्तगाल लेकर गया। इसके बाद चैतन्य नाम के आरोपी ने उसे हिमंत सिंह नाम के व्यक्ति के घर पहुंचाया।
महिला का आरोप है कि पुर्तगाल पहुंचते ही आरोपियों ने उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया और उसे दो दिन तक एक कमरे में बंद रखा। करीब 40 हजार रुपये लेने के बाद उसका पासपोर्ट वापस किया गया।
इसके बाद महिला को पुर्तगाल के ओडेमिरा ले जाया गया। उसे बताया गया कि रेजिडेंस परमिट मिलने तक उसे वहीं रहना होगा। हालांकि, उसे वादा की गई सुपरमार्केट की नौकरी नहीं मिली। आरोप है कि जिस व्यक्ति के घर वह रह रही थी, उसके बीयर शॉप में उसे जबरदस्ती काम कराया गया।
महिला ने लगाए यौन शोषण के आरोप
महिला के मुताबिक, उस घर में राजस्थान और हरियाणा की दो अन्य भारतीय महिलाएं भी रह रही थीं। उनका आरोप है कि उन्हें भी अच्छी नौकरी का झांसा देकर पुर्तगाल लाया गया था और बाद में बीयर शॉप के मालिक ने उनका कथित तौर पर यौन शोषण किया।
महिला ने पुलिस को बताया कि 27 जून को बीयर शॉप के मालिक ने उसे अपने घर पर काम करने के लिए भेजा। इसी दौरान भारत में मौजूद एक आरोपी ने उसे फोन कर कहा कि जब तक उसके दस्तावेज नहीं मिल जाते, तब तक मालिक को खुश रखे। महिला ने जब इसका विरोध किया तो आरोप है कि मालिक ने उससे कहा कि उसने उसे 'खरीदने' के लिए एजेंटों को पैसे दिए हैं।
यह सुनकर महिला को एहसास हुआ कि उसके साथ नौकरी के नाम पर धोखा हुआ है और उसकी कथित तौर पर तस्करी की गई है।
मौका मिलते ही भागकर भारत लौटी
महिला ने 29 जून को मौका देखकर वहां से भागने का फैसला किया। उसने सबसे पहले अपने पति को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वह बस से लिस्बन पहुंची और वहां से मैड्रिड गई। कुछ समय बस स्टैंड और हॉस्टल में रहने के बाद वह दोहा के रास्ते दिल्ली और फिर नागपुर लौट आई।
भारत लौटने के बाद भी आरोपियों ने कथित तौर पर उसका पीछा नहीं छोड़ा। आरोप है कि उन्होंने माल्टा में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे दोबारा 3 लाख रुपये मांगे और उसके पति को धमकियां भी दीं।
पुणे पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया
भारत लौटने के बाद महिला ने पुणे क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। इसके बाद पुणे एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब कथित अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी के इस नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही संबंधित कंसल्टेंसी के कामकाज और आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।