पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में साइबर ठगों ने दो अलग-अलग मामलों में दो बुजुर्गों को अपना शिकार बनाकर कुल 12.43 लाख रुपये ठग लिए। कर्वेनगर में एक रिटायर्ड बुजुर्ग से मतदाता सूची में सुधार के नाम पर 4.43 लाख रुपये ठग लिए गए। वहीं, कोथरूड में एक बुजुर्ग महिला को केंद्र सरकार की योजना में निवेश पर अच्छा रिटर्न देने का झांसा देकर 8 लाख रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कर्वेनगर के नवसह्याद्री सोसायटी में रहने वाले बुजुर्ग को 30 जुलाई को साइबर ठगों ने फोन और मैसेज किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार के लिए भरे गए फॉर्म में गलती है और इसे ठीक करने के लिए एक फॉर्म भरना होगा। इसके बाद ठगों ने सोशल मीडिया के जरिए एक फॉर्म भेजा और कहा कि इसके लिए सिर्फ 5 रुपये देने होंगे। साथ ही एक APK फाइल भेजकर उसमें बैंक खाते की जानकारी भरने को कहा गया। जानकारी भरते ही ठगों ने उनके मोबाइल का तकनीकी कंट्रोल हासिल कर लिया और बैंक खाते से 4 लाख 43 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए।
दूसरे मामले में कोथरूड के गुरुगणेशनगर में रहने वाली बुजुर्ग महिला को सोशल मीडिया पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक फर्जी वीडियो दिखाया गया। वीडियो में केंद्र सरकार की एक योजना में निवेश करने पर अच्छा रिटर्न मिलने का दावा किया गया था। महिला ने वीडियो में दिए नंबर पर संपर्क किया तो ठगों ने उन्हें निवेश के नाम पर पैसे जमा करने को कहा। उनके कहने पर महिला ने 8 लाख रुपये उनके खाते में जमा कर दिए। बाद में पता चला कि निर्मला सीतारमण का यह वीडियो AI तकनीक की मदद से बनाया गया फर्जी वीडियो था।
दोनों मामलों में पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कर्वेनगर मामले की जांच क्राइम ब्रांच की इंस्पेक्टर स्मिता पाटील और कोथरूड मामले की जांच इंस्पेक्टर सुनील कारोटे कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के भेजे लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें और बैंक से जुड़ी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। सोशल मीडिया पर सरकारी योजनाओं या बड़े अधिकारियों के नाम से आने वाले वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें।