पुणे न्यूज डेस्क: पुणे से सामने आए NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्कूल की हेडमिस्ट्रेस मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, मनीषा हवलदार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर शामिल किया गया था, जिसके चलते उन्हें फिजिक्स के प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी। सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले फिजिक्स पेपर के कुछ सवाल सह-आरोपी मनीषा मंडारे को साझा किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि वही सवाल बाद में NEET-UG 2026 की परीक्षा में पूछे गए।
सीबीआई की जांच में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी, एनटीए से जुड़ी अन्य विशेषज्ञ मनीषा मंडारे, ब्यूटी पार्लर संचालिका मनीषा वाघमारे और कंसल्टेंसी चलाने वाले धनंजय समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक नेटवर्क में शामिल बिचौलिए मेडिकल अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर उन्हें गुप्त तरीके से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराते थे और परीक्षा से पहले विशेष कोचिंग सत्र भी आयोजित किए जाते थे।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, मनीषा हवलदार वर्ष 1992 से संस्थान से जुड़ी थीं और जून 2026 में रिटायर होने वाली थीं। संस्था के सचिव सतीश गावली ने बताया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि हवलदार NEET पेपर सेटिंग प्रक्रिया का हिस्सा थीं। फिलहाल उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि वह छात्रों और अभिभावकों के बीच एक अनुशासित और सम्मानित शिक्षिका के रूप में जानी जाती थीं।
इस बीच जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सीबीआई ने लातूर के एक तीसरे डॉक्टर से भी पूछताछ की है। एजेंसी को शक है कि कुछ डॉक्टरों और कोचिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अपने रिश्तेदारों और छात्रों को फायदा पहुंचाने के लिए लीक प्रश्नपत्र हासिल किए। जांच एजेंसियां अब बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं। सीबीआई का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी लोगों से पूछताछ और गिरफ्तारी हो सकती है।