पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में एमपीएससी की तैयारी कर अधिकारी बनने का सपना देख रहे 25 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना नारायण पेठ इलाके में सामने आई। मृतक की पहचान प्रथमेश दिलीप देशमुख के रूप में हुई है। वह धाराशिव जिले के परंडा तालुका के खासापुरी गांव का रहने वाला था और पिछले करीब डेढ़ से दो साल से पुणे में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, प्रथमेश पिछले कुछ समय से आर्थिक परेशानी से जूझ रहा था। पुणे में रहने, खाने और पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उसने कुछ जान-पहचान वालों से पैसे उधार लिए थे। उस पर करीब ढाई लाख रुपये का कर्ज हो गया था और कमरे का किराया भी बाकी था। पैसों की इस परेशानी के चलते वह काफी तनाव में था। उसने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी छोड़कर वापस गांव जाने की बात भी कही थी।
आत्महत्या से पहले प्रथमेश ने एक चिट्ठी लिखी थी, जो पुलिस के हाथ लगी है। बताया जा रहा है कि चिट्ठी में उसने अपनी आर्थिक स्थिति और किन-किन लोगों से कितने पैसे लिए थे, इसका जिक्र किया है। विश्रामबाग पुलिस इसी चिट्ठी के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कर्ज चुकाने को लेकर उस पर किसी तरह का दबाव बनाया जा रहा था या इस घटना के पीछे कोई और वजह थी।
इस घटना पर विधायक रोहित पवार ने भी दुख जताया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की आर्थिक परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और दूसरे मामलों के कारण छात्रों में निराशा बढ़ रही है। वहीं, कई परिवार आर्थिक तंगी के बावजूद बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाते हैं और छात्र भी उधार लेकर पुणे जैसे शहरों में तैयारी करते हैं। लेकिन कर्ज वापस न कर पाने का दबाव कई बार मानसिक तनाव बढ़ा देता है, जो बेहद चिंता की बात है।