पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में 23 साल पुराने हत्या के मामले का चौंकाने वाला अंत सामने आया है। ग्रामीण पुलिस ने 24 वर्षीय मंथन वैद्य को एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मंथन ने उस शख्स की हत्या की साजिश रची, जिस पर उसके पिता की हत्या का आरोप था। जब यह घटना हुई थी, तब मंथन महज छह महीने का था।
पुलिस के मुताबिक, 11 जुलाई को भोर तहसील स्थित पुराने कात्रज सुरंग के पास 40 वर्षीय संजय बाबूराव कडू-देशमुख का शव मिला था। उनके शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई वार के निशान थे। मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मंथन वैद्य और सौरभ परदेशी तक पहुंची। पूछताछ में दोनों ने अपने दो अन्य साथियों मिजान शेख और संदीप कोरी के साथ मिलकर हत्या करने की बात कबूल की।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2003 में मामूली विवाद के बाद संजय कडू-देशमुख ने कथित तौर पर मंथन के पिता दिनेश वैद्य की हत्या कर दी थी। पुलिस का कहना है कि पिता की मौत के बाद से ही मंथन बदला लेने की भावना रखता था और कई वर्षों तक मौके का इंतजार करता रहा। इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने बताया कि हत्या के समय संजय कडू-देशमुख एक अन्य आपराधिक मामले में जमानत पर बाहर था। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।