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हैप्पी पासिया कौन? भारत का मोस्ट वॉन्टेड टेरेरिस्ट, अमेरिका में गिरफ्तारी; पंजाब में कई घटनाओं को दे चुका अंजाम

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Posted On:Friday, April 18, 2025

पंजाब की कानून व्यवस्था को लंबे समय से चुनौती दे रहे खालिस्तानी आतंकी हैप्पी पासिया को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि पासिया लंबे समय से बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे खतरनाक आतंकी संगठन के लिए काम कर रहा था और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारों पर पंजाब में आतंक फैलाने की साजिशें रच रहा था।

ICE की हिरासत में लिया गया

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने हैप्पी पासिया को हिरासत में लिया है। अमेरिका में यह गिरफ्तारी तब हुई जब भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से खालिस्तानी आतंकियों की सूची अमेरिका और न्यूजीलैंड के साथ साझा की गई थी। इस सूची में पासिया का नाम प्रमुख रूप से शामिल था।

NIA ने रखा था 5 लाख का इनाम

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पासिया की गिरफ्तारी के लिए 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पासिया को बब्बर खालसा इंटरनेशनल का एक अहम कमांडर माना जाता है, जो कई आतंकी हमलों की साजिश में शामिल रहा है। पंजाब पुलिस को पहले सूचना मिली थी कि वह जर्मनी में छिपा हुआ है, लेकिन हालिया खुफिया इनपुट से पता चला कि वह अमेरिका में रह रहा है।


प्रधानमंत्री मोदी ने जताई थी चिंता

गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने न्यूजीलैंड और अमेरिका दौरे के दौरान विदेशों में सक्रिय खालिस्तानी आतंकियों को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने इन आतंकियों को न सिर्फ भारत, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी खतरा बताया था।

प्रधानमंत्री के इस रुख के बाद, भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे आतंकियों की पहचान और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए साझा रणनीति अपनाने पर बल दिया था।


आतंकी हमलों में पासिया की भूमिका

पंजाब में पिछले कुछ महीनों में कई पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमले और धमाकेदार घटनाएं हुई थीं। जांच में सामने आया कि इन घटनाओं के पीछे पासिया का हाथ था। ISI के इशारे पर पासिया ने पंजाब पुलिस को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।

इसके अलावा, वह पंजाब में खालिस्तानी युवाओं को बहकाकर कट्टरपंथी सोच के लिए तैयार कर रहा था, साथ ही ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक भिजवाने की साजिशों में भी उसकी संलिप्तता पाई गई।


पाकिस्तान से मिल रहा था फंड

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा जैसे लोग पासिया और अन्य आतंकियों को फंडिंग और हथियारों की सप्लाई करते थे। पाकिस्तान ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अब सीधे भारत की पुलिस और सुरक्षाबलों को टारगेट करने की साजिशें तेज कर दी हैं।

पिछले 4 महीने में पंजाब में दर्जनों पुलिस थानों पर हुए हमलों की जांच में पासिया और एक अन्य आतंकी जीवन फौजी की भूमिका भी सामने आई है। जीवन फौजी भी ISI के संपर्क में है और भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है।


अमेरिका से प्रत्यर्पण की कोशिश

अब भारतीय एजेंसियों की अगली चुनौती है हैप्पी पासिया का प्रत्यर्पण। सरकार अमेरिका से संपर्क में है और कूटनीतिक चैनल्स के जरिए उसे भारत लाने की कोशिश की जा रही है, ताकि उस पर आतंकवाद से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाया जा सके।

NIA और पंजाब पुलिस पहले ही पासिया के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कर चुकी हैं, जिनमें आतंकवाद, देशद्रोह, हथियारों की तस्करी और हत्या की साजिशें शामिल हैं।


भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता

इस गिरफ्तारी को भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ चल रही मुहिम की बड़ी सफलता माना जा रहा है। जहां एक ओर यह मामला दर्शाता है कि भारत अपने विरोधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है, वहीं यह भी संकेत देता है कि अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी खालिस्तानी आतंकियों को लेकर गंभीर होता जा रहा है।


निष्कर्ष

हैप्पी पासिया की अमेरिका में गिरफ्तारी भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी जीत है। इससे यह भी साफ हो गया है कि अब खालिस्तानी आतंकियों को विदेशों में सुरक्षित पनाह नहीं मिलने वाली। भारत के दबाव और वैश्विक सहयोग के चलते अब ऐसे आतंकियों की धरपकड़ तेज हो गई है।


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