ताजा खबर
पुणे में पुलिस भर्ती दौड़ के दौरान युवक की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़   ||    पुणे में फर्जी बाबा गिरफ्तार, महिला से शोषण और ब्लैकमेल का आरोप   ||    पटना से शुरू हुई नाइट फ्लाइट्स, समर शेड्यूल में 44 उड़ानें संचालित   ||    पुणे-अहिल्यानगर हाईवे पर पेट्रोल पंप में भीषण आग, बड़ा हादसा टला   ||    सोशल मीडिया पर पहचान, ‘महादेव’ बनकर किया भरोसे का खेल—पुणे में महिला से दुष्कर्म का मामला   ||    शक ने उजाड़ा घर: पति ने पत्नी की पीट-पीटकर की हत्या   ||    14 साल बाद दोहरे हत्याकांड का फरार आरोपी केके ठाकुर गिरफ्तार   ||    राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    पुणे में बोरवेल ड्रिलिंग से मेट्रो टनल को नुकसान, ठेकेदार और मकान मालिक पर केस दर्ज   ||    पुणे कॉमिक कॉन में दिखा कॉमिक्स और कॉस्प्ले का रंगीन संगम   ||   

स्‍वीडन अपने ही देश के नागरिकों को देश छोड़ने के लिए देगा पैसे, स्टेनगार्ड ने पेश क‍िया प्रस्‍ताव, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Saturday, August 17, 2024

मुंबई, 17 अगस्त, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। स्‍वीडन ने अपने ही देश के नागरिकों को देश छोड़ने के लिए ऑफर दिया है। स्‍वीडन की इमीग्रेशन मिन‍िस्‍टर मारिया माल्मर स्टेनगार्ड ने ये प्रस्‍ताव पेश क‍िया है। स्टेनगार्ड ने कहा कि जिन्हें स्वीडन की संस्कृति पसंद नहीं है या फिर वे लोग जो यहां घुलमिल नहीं पाए हैं वे स्वीडन छोड़ सकते हैं। यूरोपीयन वेबसाइट द नेशनल्स के मुताबिक स्वीडन में अभी भी देश छोड़ने पर पैसे दिए जाते हैं। पहले विदेश से आकर स्वीडन में बसने वाले नागरिकों पर ही ये नियम लागू होता था, लेकिन नए प्रावधान के तहत जन्मजात नागरिकों पर भी ये नियम लागू होगा। मौजूदा नियमों के मुताबिक यदि कोई स्वीडिश नागरिक देश छोड़ता है तो उसे 10 हजार स्वीडिश क्रोन (80 हजार रुपए) मिलते हैं। बच्चों को देश छोड़ने पर 40 हजार रुपए मिलते हैं। इसके अलावा उन्हें किराए के पैसे भी मिलते हैं। ये पैसा उन्हें एक बार में ही देश छोड़ने से पहले मिल जाता है।

नए प्रस्‍ताव के मुताबिक, अब इसमें देश के सभी नागर‍िकों को शामिल क‍िया जाएगा। देश छोड़कर जाने वालों को और अधिक पैसे देने और इसे बढ़ाकर 14,800 डॉलर (करीब 12 लाख रुपए) करने पर विचार हुआ था, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। सरकार का कहना है कि अगर देश छोड़ने पर पैसे बढ़ाए गए तो इससे संदेश जाएगा कि स्वीडन लोगों को पसंद नहीं करता। हैरानी की बात ये है कि स्वीडन में ये प्रस्ताव तब पास हुआ है जब देश छोड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। स्वीडिश माइग्रेशन एजेंसी के मुताबिक 2024 में स्वीडन में आने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है। 50 सालों में ये पहली बार हुआ है। स्वीडन में भले ही देश छोड़ने वाले लोग बढ़े हों मगर यहां की आबादी बढ़ती जा रही है। दरअसर स्वीडन के मूल वासी अमेरिका जैसे देशों में ठिकाना तलाश रहे हैं। वहीं, प्रवासियों के लिए स्वीडन पसंदीदा जगह बना हुआ है। स्वीडन में प्रवास‍ियों की संख्‍या 20 लाख से भी ज्‍यादा हो गई है, जो स्‍वीडन की कुल आबादी का पांचवां ह‍िस्‍सा है। प्रवासियों की बढ़ती आबादी को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने कई पाबंद‍ियां लगा चुकी हैं। स्वीडन में सीरिया, सोमालिया, ईरान और इराक से आए लोगों की आबादी काफी ज्यादा है।


पुणे और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. punevocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.