ताजा खबर
पुणे में ऑटो की छत पर बैठकर सैर करता दिखा कुत्ता, वीडियो देख हंसी नहीं रुकेगी   ||    चार साल बाद पुणे मनपा को मिलेगा नया मेयर, बीजेपी सबसे मजबूत दावेदार   ||    पुणे भूमि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे और पत्नी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी   ||    पुणे में एमईएस के दो अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी कार्रवाई   ||    चीनी रिकवरी में सोमेश्वर अव्वल, श्री छत्रपति ने माळेगांव को छोड़ा पीछे   ||    पुणे में भी साथ आए पवार, नगर निगम चुनाव में एनसीपी और एनसीपी (एसपी) का गठबंधन   ||    सलमान खान का 60वां जन्मदिन और ‘बैटल ऑफ गलवान : देशभक्ति और फैंस के लिए खास पल   ||    राजेश खन्ना की 83वीं बर्थ एनिवर्सरी: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार को जैकी श्रॉफ ने किया याद   ||    बॉर्डर 2 का ‘घर कब आओगे’ गाना हुआ रिलीज़ से पहले चर्चा का केंद्र, जानिए कलाकार और रिलीज़ डेट   ||    ‘द राजा साब’ नया ट्रेलर रेलसी हुआ, प्रभास की रहस्यमयी और डरावनी वापसी, संक्रांति पर सिनेमाघरों में ध...   ||   

क्या रूस-यूक्रेन युद्ध पर लगेगा विराम? जेलेंस्की से पहले ट्रंप ने की पुतिन से बात

Photo Source :

Posted On:Monday, December 29, 2025

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर एक बड़ा अपडेट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है। ट्रंप ने इस बातचीत को "बेहद सकारात्मक" करार दिया। जानकारों का मानना है कि ट्रंप, जेलेंस्की से मिलने से पहले पुतिन का रुख समझना चाहते थे ताकि वे एक ऐसा 'मिडल ग्राउंड' (मध्य मार्ग) तैयार कर सकें, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार कर सकें।

ट्रंप का '20-पॉइंट पीस प्लान'

ट्रंप और जेलेंस्की के बीच होने वाली मुलाकात का केंद्र 20-सूत्रीय शांति योजना (20-point Peace Plan) है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि इस समझौते में वे खुद एक 'अंतिम निर्णायक' (Final Arbiter) की भूमिका निभाएंगे।

इस योजना के प्रमुख संभावित बिंदु निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • युद्ध विराम: तात्कालिक तौर पर अग्रिम मोर्चों पर गोलीबारी रोकना।

  • बफर जोन: विवादित क्षेत्रों में एक सुरक्षा घेरा तैयार करना।

  • सुरक्षा गारंटी: यूक्रेन को भविष्य के हमलों से बचाने के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय वादे।

  • ऊर्जा और पुनर्निर्माण: रूसी ऊर्जा आपूर्ति और युद्ध से तबाह हुए बुनियादी ढांचे का पुनरुद्धार।

जेलेंस्की की दुविधा और नाटो का समर्थन

अमेरिका पहुंचने से पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कनाडा, जर्मनी, फिनलैंड और डेनमार्क जैसे नाटो (NATO) देशों के नेताओं से मुलाकात कर अपना समर्थन मजबूत किया है। जेलेंस्की का रुख अभी भी कड़ा है। उनका कहना है कि वे किसी ऐसी शर्त पर शांति नहीं करेंगे जो यूक्रेन की संप्रभुता और अखंडता से समझौता करती हो।

चुनौती यह है कि पुतिन उन क्षेत्रों पर अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं हैं जिन पर रूसी सेना का कब्जा है, जबकि जेलेंस्की 1991 की सीमाओं की वापसी चाहते हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि ट्रंप जेलेंस्की को पुतिन की शर्तों या किसी नए समझौते के लिए कैसे मनाते हैं।

ट्रंप के लिए कूटनीतिक साख का सवाल

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान बार-बार वादा किया था कि वे "24 घंटे में युद्ध रुकवा सकते हैं।" हालांकि यह इतना आसान नहीं रहा है, लेकिन पुतिन का सकारात्मक रुख यह संकेत देता है कि रूस भी अब इस युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता खोज रहा है। यदि ट्रंप इस बार सफल होते हैं, तो यह उनकी विदेश नीति की सबसे बड़ी जीत मानी जाएगी।

निष्कर्ष

मार-ए-लागो में होने वाली ट्रंप-जेलेंस्की बैठक केवल दो नेताओं की मुलाकात नहीं है, बल्कि यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप के सबसे बड़े संघर्ष के भविष्य का फैसला करेगी। ट्रंप की पुतिन से हुई "सकारात्मक" बात ने नींव तो रख दी है, लेकिन इमारत तभी बनेगी जब जेलेंस्की और पुतिन दोनों अपने जिद्दी रुख में थोड़ी नरमी दिखाएंगे।


पुणे और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. punevocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.