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2025 से 2030 तक शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी: हर प्रखंड में बनेगा मॉडल स्कूल, 70 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट

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Posted On:Monday, December 29, 2025

नई सरकार के गठन के बाद राज्य में विकास कार्यों को लेकर दीर्घकालिक योजना पर काम शुरू हो गया है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग ने भी 2025 से 2030 तक के लिए व्यापक रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। सोमवार को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विभाग की योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना है कि अगले पांच वर्षों में राज्य के सभी प्रखंडों में एक-एक मॉडल स्कूल की स्थापना की जाएगी, ताकि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को नए स्तर पर ले जाया जा सके।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित मॉडल स्कूलों में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं, स्मार्ट क्लासरूम, खेलकूद, लाइब्रेरी, लैब और काउंसलिंग जैसी व्यवस्थाएं होंगी, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी डिग्री कॉलेजों और पुरानी शैक्षणिक संस्थाओं को हाईटेक बनाने पर फोकस किया जाएगा।

सात निश्चय-3 में शिक्षा को मिली प्राथमिकता

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि हाल ही में कैबिनेट द्वारा सात निश्चय-3 को पास किया गया है, जिसमें शिक्षा को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में शामिल किया गया है। इसके तहत स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और संसाधन खड़े करना नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।

TRE-4 बहाली की तैयारी तेज

मंत्री ने जानकारी दी कि TRE-4 के तहत शिक्षकों की बहाली के लिए शिक्षा विभाग पूरी तरह से तैयार है। आगामी 15 से 20 जनवरी के बीच रोस्टर क्लीयरेंस कर अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले राज्य में शिक्षकों की भारी कमी थी, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है। वर्तमान समय में बिहार में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की संख्या करीब 2 लाख 27 हजार हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई हैं और अब तक लगभग 5000 अनुकंपा नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं। TRE-4 की बहाली के बाद शिक्षकों की संख्या और बढ़ेगी, जिससे स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था और मजबूत होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

शिक्षा पर रिकॉर्ड बजट

स्कूली शिक्षा के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए 2025-26 के लिए शिक्षा विभाग का बजट 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक रखा गया है। मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सरकार का फोकस बना रहेगा। रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राओं का भविष्य उज्ज्वल हो सके।

राज्य में करीब 78 हजार सरकारी विद्यालय हैं, जिनमें लगभग 1 करोड़ 76 लाख छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। साथ ही छात्रवृत्ति योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टीपीटी के माध्यम से 4663 छात्र-छात्राओं के खातों में राशि भेजी जा चुकी है।

मिड-डे मील और ड्रॉपआउट पर नियंत्रण

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में स्कूल ड्रॉपआउट रेट घटकर 1 प्रतिशत पर आ गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। मिड-डे मील योजना पर भी विशेष फोकस किया गया है। रसोईया दीदियों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है, जिससे योजना का संचालन बेहतर ढंग से हो सके। बालिकाओं की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नए शिक्षकों की नियुक्ति के बाद उनकी ट्रेनिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। वर्कशॉप और ट्रेनिंग लर्निंग प्रोग्राम के जरिए शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।

टेक्स्टबुक, स्मार्ट क्लास और डिजिटल सुविधा

मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि 1 करोड़ 19 लाख बच्चों तक समय पर टेक्स्टबुक पहुंचा दी गई हैं। स्कूल किट भी समय पर उपलब्ध कराई गई है। राज्य के सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं और शिक्षकों को टैब की सुविधा दी जा रही है। उच्च शिक्षा में भी सरकार का विशेष फोकस रहेगा।

उन्होंने कहा कि कुछ विश्वविद्यालयों में सत्र पीछे चल रहे थे, जिनमें अब सुधार किया गया है। मैट्रिक और प्लस-2 के नतीजे भी बेहतर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने साफ किया कि यदि कोई शिक्षक लापरवाही या गलत काम करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

कुल मिलाकर, शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार एक प्रगतिशील और विकसित बिहार के लक्ष्य के साथ शिक्षा क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही है और सात निश्चय-3 के सभी उद्देश्यों को आने वाले समय में पूरा किया जाएगा।


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