ताजा खबर
होली पर हवाई यात्रियों को बड़ी राहत, किराए में सिर्फ मामूली बढ़ोतरी   ||    सेनापति बापट रोड पर इवेंट रद्द होने पर सवाल पूछना पड़ा महंगा, दो भाइयों पर जानलेवा हमला   ||    पुणे में ऑटो की छत पर बैठकर सैर करता दिखा कुत्ता, वीडियो देख हंसी नहीं रुकेगी   ||    चार साल बाद पुणे मनपा को मिलेगा नया मेयर, बीजेपी सबसे मजबूत दावेदार   ||    पुणे भूमि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे और पत्नी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी   ||    पुणे में एमईएस के दो अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी कार्रवाई   ||    चीनी रिकवरी में सोमेश्वर अव्वल, श्री छत्रपति ने माळेगांव को छोड़ा पीछे   ||    पुणे में भी साथ आए पवार, नगर निगम चुनाव में एनसीपी और एनसीपी (एसपी) का गठबंधन   ||    सलमान खान का 60वां जन्मदिन और ‘बैटल ऑफ गलवान : देशभक्ति और फैंस के लिए खास पल   ||    राजेश खन्ना की 83वीं बर्थ एनिवर्सरी: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार को जैकी श्रॉफ ने किया याद   ||   

टैरिफ दबाव में नहीं झुका भारत, कई देशों से की विन-विन ट्रेड डील

Photo Source :

Posted On:Thursday, December 25, 2025

2025 में जब डोनाल्ड ट्रंप ने 'अमेरिका फर्स्ट' की नीति के तहत भारत सहित कई देशों पर भारी टैरिफ लगाए, तो वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया। अमेरिका का उद्देश्य भारत के कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जबरन सेंध लगाना था। लेकिन भारत ने न केवल इस दबाव को झेला, बल्कि अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को भी बरकरार रखा।

1. दबाव बनाम कूटनीति: ट्रंप की चुनौती

ट्रंप प्रशासन ने 2025 में ट्रेड डील को लेकर 'जल्दबाजी' दिखाई। उन्होंने भारतीय निर्यात पर उच्च शुल्क लगाए और रूस के साथ ऊर्जा व्यापार को लेकर प्रतिबंधों की धमकी दी। अमेरिका चाहता था कि भारत अपने डेयरी और कृषि बाजार को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोल दे।

  • भारत का रुख: भारत ने साफ कर दिया कि वह करोड़ों छोटे किसानों और डेयरी उत्पादकों के हितों की बलि नहीं चढ़ाएगा। भारत ने 'प्रतिक्रियात्मक' होने के बजाय 'रणनीतिक' धैर्य का परिचय दिया।

2. सफल समझौते: जहाँ सम्मान मिला, वहाँ बात बनी

अमेरिका के साथ चल रही खींचतान के बीच भारत ने अन्य देशों के साथ अपनी नजदीकी बढ़ाई। 2025 में भारत ने तीन प्रमुख देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिया:

  • ब्रिटेन (UK): यह समझौता भारतीय पेशेवरों (IT और हेल्थकेयर) और सर्विस सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।

  • न्यूजीलैंड: यहाँ भारत ने चतुराई से बातचीत की, जिससे कीवी उत्पादों को बाजार तो मिला लेकिन भारतीय डेयरी किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित रही।

  • ओमान: खाड़ी देशों में पैठ मजबूत करने और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से ओमान के साथ हुई डील रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

3. 'मल्टी-अलाइनमेंट': विकल्पों का विस्तार

भारत की 2025 की नीति का सबसे बड़ा हिस्सा बाजार विविधीकरण (Market Diversification) रहा। भारत ने महसूस किया कि किसी एक देश (जैसे अमेरिका या चीन) पर अत्यधिक निर्भरता खतरनाक हो सकती है।

  • यूरोपीय संघ (EU), पेरू, चिली और कनाडा के साथ चल रही सक्रिय बातचीत इसी रणनीति का हिस्सा है।

  • इससे भारत की 'रणनीतिक आजादी' बढ़ी है। अब भारत मेज पर उस स्थिति में बैठता है जहाँ वह कह सकता है कि उसके पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

4. आर्ट ऑफ द डील: भारत का नया अंदाज

भारत अब केवल एक बड़ा 'बाजार' नहीं है, बल्कि एक 'ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब' बनने की दिशा में अग्रसर है। 2025 की ट्रेड पॉलिसी ने यह संदेश दिया कि भारत सख्ती और लचीलेपन का सही संतुलन जानता है।

  • सख्ती: राष्ट्रीय सुरक्षा और किसानों के हितों पर।

  • लचीलापन: तकनीक हस्तांतरण, निवेश और सर्विस सेक्टर के आदान-प्रदान पर।


पुणे और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. punevocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.