पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के वाकड़ इलाके में एक 47 वर्षीय महिला साइबर जालसाजों का शिकार हो गई, जिन्होंने वर्क-फ्रॉम-होम और ऑनलाइन टास्क के नाम पर उनसे 24.28 लाख रुपये की ठगी की। जालसाजों ने मोबाइल मैसेजिंग ऐप के जरिए महिला से संपर्क साधा और दावा किया कि उनकी फर्म के लिए साधारण टास्क पूरे करने पर वह घर बैठे मोटी कमाई कर सकती हैं। महिला को इस जाल में फंसाने के लिए शुरुआत में बहुत ही पेशेवर तरीका अपनाया गया।
विश्वास जीतने के लिए ठगों ने मनोवैज्ञानिक चाल चली। शुरुआती दौर में महिला को कुछ आसान टास्क दिए गए और उनके पूरा होने पर तुरंत कुछ छोटी रकम महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस छोटे से मुनाफे ने महिला के मन में ठगों के प्रति भरोसा पैदा कर दिया, जिससे उन्हें लगा कि यह कमाई का एक वास्तविक और सुरक्षित जरिया है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर अपराधियों ने बड़े हमले की नींव रखी।
एक बार विश्वास कायम होने के बाद, ठगों ने 'प्रीपेड टास्क' की योजना पेश की, जिसमें अधिक लाभ का लालच देकर पहले खुद का पैसा निवेश करने को कहा गया। अक्टूबर से नवंबर के बीच, महिला ने अधिक मुनाफे की उम्मीद में जालसाजों द्वारा बताए गए विभिन्न खातों में कुल 24.28 लाख रुपये जमा कर दिए। करीब एक महीने तक चले इस निवेश के खेल में महिला अपनी मेहनत की कमाई लुटाती रही, जबकि उसे लगा कि उसका बैलेंस बढ़ रहा है।
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब महिला ने अपना मूल निवेश और कमाया गया मुनाफा वापस मांगा। पैसे लौटाने के बजाय, ठगों ने 'फाइल क्लियरेंस' और टैक्स के नाम पर 23 लाख रुपये की और मांग कर दी। अतिरिक्त पैसों की मांग सुनकर महिला सतर्क हो गई और उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ। फिलहाल वाकड़ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उन संदिग्ध बैंक खातों व मोबाइल नंबरों की गहन जांच की जा रही है।